मनोरंजनचाँद को क्या मालूम – सविता सिंहnewsadminOctober 9, 2025 by newsadminOctober 9, 20250175 एक ढलती शाम, आईना को किया साफ, उसने कहा देर से ही सही, आ गई पास। आई हो अब, जब घिर आई है यामिनी...
मनोरंजनरिश्तों की अहमियत – श्याम कुंवर भारतीnewsadminOctober 8, 2025 by newsadminOctober 8, 20250190 आदमी को धन और पैसा कमाना जितना मुश्किल है। सच है आदमी को आदमी कमाना उतना ही मुश्किल है। गंवाना है पैसा जितना...
मनोरंजनचुप्पी – रुचि मित्तलnewsadminOctober 8, 2025 by newsadminOctober 8, 20250163 चुप्पी की भी एक जुबां होती है, हर बात बिना कहे बयां होती है। लब ख़ामोश हों तो क्या गम है, आँखों से भी...
मनोरंजनगीतिका – मधु शुक्लाnewsadminOctober 7, 2025 by newsadminOctober 7, 20250176 कर रहा हरितालिका व्रत हर्ष का संचार, शिव विराजे हर सदन में हो रही जयकार। अर्चना शिव पार्वती की और मंगलगान , देश...
मनोरंजनभावभरी शरद पूर्णिमा – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminOctober 6, 2025 by newsadminOctober 6, 20250193 पूर्णिमा सुंदर शरद की मन उमंग जगा रही। सौध के सम चाँदनी सबके ह्रदय को भा रही।1 श्वेत चादर सी बिछी तारे मलिन अब हो...
मनोरंजनसुबह – प्रतिभा जैनnewsadminOctober 6, 2025 by newsadminOctober 6, 20250275 न ऑफिस की जल्दी हो न नाश्ते की टेंशन हो मैं और तुम ढेर सारी बातें एक सुबह ऐसी हो ठंडी ठंडी हवा हो...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminOctober 5, 2025 by newsadminOctober 5, 20250270 ख्वाब तेरे ही आँखों में जारी है, आँख की दिल से वफादारी है। रोज़ तोड़ता हूँ ताल्लुक मगर, दिलो-दिमाग में खूब यारी है।...
मनोरंजनकविता – नीलांजना गुप्ताnewsadminOctober 5, 2025 by newsadminOctober 5, 20250216 टूट गईं हैं सब जंजीरें भारत माँ मुस्काती है। बीती हुई शौर्य गाथाएं हमकों आज सुनाती।। यही धरा है जहाँ सनातन धर्म-संस्कृति जन्मी...
मनोरंजनकह के रहेंगे – सुनील गुप्ताnewsadminOctober 4, 2025 by newsadminOctober 4, 20250168 चले नेताजी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का, दौरा करने !!1!! बनाके घोड़ी इंसानी पीठ चढ़े, चले मुस्काते !!2!! घंटों चलके समझा दुःख-दर्द, आँखें...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminOctober 4, 2025 by newsadminOctober 4, 20250186 गैरत भरी थी उनमें वो बाज़ार हो गये। छोड़े श़ज़र अकेले,वो बेज़ार हो गये। लब खूबसूरत उनके नशा मुझको अब हुआ ऐसा चढ़ा...