मनोरंजनऔरत – रुचि मित्तलnewsadminJuly 27, 2026 by newsadminJuly 27, 202606 तुमने उसे देखा है कभी माँ की तरह कभी पत्नी की तरह कभी बेटी की तरह लेकिन.. कभी इंसान की तरह नहीं। तुम कहते हो...
मनोरंजनकारगिल – सुनील गुप्ताnewsadminJuly 26, 2026 by newsadminJuly 26, 2026013 ( 1 ) याद रहेगा शौर्यगाथा दिवस.., नमन वीरों !! ( 2 ) अमिट हुए अमित भारद्वाज.., भारत हीरो !! ( 3 ) द्रास का...
मनोरंजनसंसद का क्या काम है? – सुधीर श्रीवास्तवnewsadminJuly 24, 2026 by newsadminJuly 24, 2026027 लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद का मज़ाक़ बन रहा है, सदन में चर्चा परिचर्चा विमर्श के बजाय विरोध की आड़ में सड़क पर सिर्फ...
मनोरंजनदेश का विश्वास – डॉ. प्रियंका सौरभnewsadminJuly 22, 2026 by newsadminJuly 22, 2026026 भारत माँ की पीर का, किसको है अब ख्याल। देश बनाने आ गए, डाकू, नटवरलाल॥ सत्ता इनके हाथ से, फिसली जिस दिन आज। मिलकर फिर...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminJuly 21, 2026 by newsadminJuly 21, 2026026 प्यार से हमे देखे,यार अब निहारे भी, पास उसके हम बैठे हाय क्यो पुकारे भी। आशिकी मे हम तुमको राज ये बताते हैं, प्यार...
मनोरंजनखुशी हो या गम सेल्फी हो हरदम (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादीnewsadminJuly 21, 2026 by newsadminJuly 21, 2026024 :neerajtimes.com – एक समय था, जब पासपोर्ट साइज का फोटो खिंचवाने के लिए फोटो स्टूडियो के चक्कर लगाने पड़ते थे। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार...
मनोरंजनसशक्त हस्ताक्षर की स्वर्णिम 50 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजी साहित्य की स्वर धाराnewsadminJuly 20, 2026 by newsadminJuly 20, 2026032 neerajtimes/com जबलपुर – सशक्त हस्ताक्षर की50 वीं काव्य गोष्ठी चंचलबाई महाविद्यालय में सानंद सम्पन्न हुई। संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने सभी अतिथियों, साहित्य मनीषियों का...
मनोरंजनमुक्तक – श्याम कुमार भारतीnewsadminJuly 20, 2026 by newsadminJuly 20, 2026026 पानी बिना जिंदगानी – मिटा कर वजूद जिसका कर रहे हम सब बड़ी है नादानी। जिसका वजूद हमारा वजूद पानी बिना क्या है जिंदगानी। उजाड़...
मनोरंजनगीत – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJuly 19, 2026 by newsadminJuly 19, 2026031 मानव के कर्मों के कारण वातावरण सवाल रहा है । अहंकार दुश्मन है इसका खुद ही खुद का काल रहा है ।। काट काट...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminJuly 18, 2026 by newsadminJuly 18, 2026045 दिल की लगी दिल्लगी बन के रह गई, अधूरा फ़साना जिन्दगी बन के रह गई। पास रहते कदर न समझी जिसने कभी, अब वो...