मनोरंजन

गीतिका – मधु शुक्ला

 

कर रहा हरितालिका व्रत हर्ष का संचार,

शिव विराजे हर सदन में हो रही जयकार।

 

अर्चना शिव पार्वती की और मंगलगान ,

देश भारत में यही हैं ब्याह का आधार।

 

हो‌ रहे बदनाम रिश्ते आजकल सर्वत्र,

तीज व्रत में पर छुपा है प्रेम का व्यवहार।

 

सच यही संबंध का आधार है विश्वास,

पा रहे सम्मान इससे हिन्द में परिवार।

 

भावनाएं शुचि रहें जन्में नहीं यदि स्वार्थ,

प्रेम से सुरभित रहे तब यह सकल संसार।

— मधु शुक्ला, सतना, मध्यप्रदेश

Related posts

घरेलू विवाद से दहेज़ के झूठे मामलों में उलझते पुरुष – प्रियंका सौरभ

newsadmin

इक नजर देखो — अनिरुद्ध कुमार

newsadmin

प्रेम यदि है मत इसे हृद में दबाओ – अनुराधा पाण्डेय

newsadmin

Leave a Comment