मनोरंजनगीत (मधुवल्लरी छंद) – मधु शुक्लाnewsadminJune 6, 2022 by newsadminJune 6, 20220236 जल के बिना संभव नहीं है जिंदगी, क्यों भूल बैठे नीर की हम वंदगी। निर्झर, नदी, तालाब का जल घट रहा, अब टैंकरों से...
मनोरंजनयुवा – जि.विजय कुमारnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220342 उठो युवक, नींद में से उठो, आपके हाथ मे देश का भविष्य है। लक्ष की ओर चलते रहो, न रूको , न डरो, न...
मनोरंजनगजल – ऋतू गुलाटीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220328 हो रही घर तबाही नशा मानिये। बच गये मरने से तुम दुआ मानिये। चँद पल की खुशी दे रही है मजा। छोड़ दारू को...
मनोरंजनहिंदी समाचार पत्र के प्रतिनिधि धन्य है जो हिंदी का परचम फहराये हुए है : संगम त्रिपाठीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220299 Neerajtimes.com जबलपुर (मध्यप्रदेश) – आज भी हिंदी अपने देश में अस्तित्व के लिए जूझ रही है बताइए है न आश्चर्य की बात हमारे कुछ कवि...
मनोरंजनप्रेरणा हिंदी सभा में उत्तर से दक्षिण तक हिंदी प्रेमी जुड़े : संगम त्रिपाठीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220331 neerajtimes.com जबलपुर (मध्यप्रदेश) – राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित संस्था प्रेरणा हिंदी प्रचार सभा में उत्तर से लेकर दक्षिण तक हिंदी प्रेमी कवि साहित्यकार समाजसेवी पत्रकार...
मनोरंजनधरती – ममता जोशीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220609 हमेंशा मुझको गोद लिए , कितना प्यार तू करती है। मैं गलती लाखों करके भी, तू शिकायतें नहीं करती है। हे मां मेरी धरती मां।।...
मनोरंजनगीतिका – मधु शुक्लाnewsadminJune 3, 2022 by newsadminJune 3, 20220334 प्रीति की रीति जग को सिखाते चलो, टूटते घर जतन से बसाते चलो। कष्ट देकर किसी को न पाओ खुशी, साथ इंसानियत का निभाते...
मनोरंजनगजल – ऋतू गुलाटीnewsadminJune 3, 2022 by newsadminJune 3, 20220374 सुन जरा बाते कभी परिवार की। आरजू उठती रही दीदार की। यूँ न रूठो तुम मनाना छोड़ दे। जग सुनेगा आज बातें प्यार की।...
मनोरंजनवर्ष गया यूँ बीत – प्रियदर्शिनी पुष्पाnewsadminJune 3, 2022 by newsadminJune 3, 20220340 शिला लेख पर अंक हो, वर्ष गया यूँ बीत। स्मृतियों का उपहार दे , चले गये हो मीत।। हर्ष भाव को मार कर ,...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminJune 3, 2022 by newsadminJune 3, 20220367 क्या कहे कहने को क्या पास है , मन ये दुखी और दिल उदास है। भला वो क्या जाने दर्दे-जुदाई, हमें तो जख्मे-दर्द का...