neerajtimes.com वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की पावन धरती पर आयोजित ‘बाबा श्री काल भैरव कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह’ में साझा काव्य संग्रह ‘गंगांजलि’ का भव्य...
संस्कार,सदाचार विचार,आचार तू ही मेरा श्रृंगार। अलंकार,उपहार आकार निराकार. सब तेरे ही है प्रकार नदी ,पोखर ताल तलैया तू ही सबकी खेवईया शाखा, वल्लरी, द्रुम,...