( 1 ) है साइकिल
सेहत का साधन..,
बड़ा विरल !!
( 2 ) पर्यावरण
अनुकूल सवारी..,
सस्ती सुलभ !!
( 3 ) गांव गलियों
खेत पगडंडी पे..,
चले नाचती !!
( 4 ) न प्रदूषण
व चिंता ईंधन की..,
मस्त चलती !!
( 5 ) करे ये काम
बिना रूकावट के..,
मांगे न दाम !!
( 6 ) सबकी प्यारी
ये अद्भुत सवारी..,
कभी न हारी !!
( 7 ) खेल-खेल में
चले इसे सीखते..,
हुए हैं बड़े !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान |