मनोरंजनरक्षाबंधन – सुनील गुप्ताnewsadminAugust 28, 2026August 28, 2026 by newsadminAugust 28, 2026August 28, 2026039 नेह प्रेम के रेशमी धागों से सजाई बहना ने कलाई ! लग जाए उम्र मेरी तुझको.., यही चाहत प्रभु से करे भाई !!1!! देह...
मनोरंजनराखी – रीता गुलाटीnewsadminAugust 28, 2026August 28, 2026 by newsadminAugust 28, 2026August 28, 2026041 अहसासों से गूँथे प्यारें धागें हैं। भाई-बहन कें ये अनमोल वादे हैं। बचपन का होता झगड़ा था मीठा। यादो में घुलते सपने वो...
मनोरंजनसर्व सुसंस्कार – सुनील गुप्ताnewsadminAugust 28, 2026 by newsadminAugust 28, 2026042 शुद्ध, सुशोभित, सुसंस्कृत, सुविचार ! से सराबोर हो हमारे सर्व सुसंस्कार !!1!! विशुद्ध, व्यवस्थित, परिष्कृत, व्यवहार ! से चले निखरता जीवन बारंबार !!2!! ...
मनोरंजनसावन का रुद्राभिषेक – डॉ अनमोल कुमारnewsadminAugust 27, 2026 by newsadminAugust 27, 2026046 सावन आया, बदरा छाए, शिव भक्त बम-बम हर-हर गाए। गंगाजल, बेलपत्र और फूल, शिवलिंग पर चढ़े सबूल। दूध, दही, शहद की धार, हर-हर महादेव जयकार।...
मनोरंजनमेरी कलम से – डाo किरण मिश्राnewsadminAugust 26, 2026 by newsadminAugust 26, 2026045 परिणीता हूँ प्रिय तेरी, सहज ऋंगार लिखती हूँ, तुम्हारी बांसुरी बनकर,हृदय उद्गार लिखती हूँ। तुम्हारे भक्तिरस का पान करके, हूँ मगन कान्हा, तुम्हारी थी, तुम्हारी...
मनोरंजनभाई-बहिनी के तिहार (राखी) – अशोक यादवnewsadminAugust 25, 2026August 25, 2026 by newsadminAugust 25, 2026August 25, 2026048 धरसा तोर जोहत हवंव, आँसू डबडबागे आँखी। आवत होही मोर बहिनी ह, बाँधे ल मोला राखी।। नान्हेपन म खेलेन-कूदेन, करेन हम हँसी-ठिठोली। काबर मोर ले...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminAugust 24, 2026 by newsadminAugust 24, 2026054 शेष अब कहाँ बाकी, जो सुना है लोगों ने। छिप नही सका कुछ भी,लिख दिया किताबों ने। हारना नही हिम्मत, खुद पे रख भरोसा...
मनोरंजन“भ्रष्टाचार देश का कोढ़” – अमन रंगेलाnewsadminAugust 23, 2026August 24, 2026 by newsadminAugust 23, 2026August 24, 2026053 ये देश को दीमक बनकर खा रहा है, ये जड़ को अंदर से खोखला कर रहा है । ये कुर्सी पर बैठकर लूट मचा रहा...
मनोरंजनबुज़ुर्गों की दुआ – श्री ठाकुरnewsadminAugust 22, 2026 by newsadminAugust 22, 2026048 ज़िंदगी की राह में जो चराग़ बनकर जलते हैं, वही बुज़ुर्ग हैं, जो हर अँधेरे में राह दिखाते हैं। उनकी आँखों में गुज़रे वक़्त की...
मनोरंजनवंदना – डॉ क्षमा कौशिकnewsadminAugust 20, 2026 by newsadminAugust 20, 2026064 चाह मन में सुरों को साध लूँ मैं। शब्द में भावना को बाँध लूँ मैं।। अर्थ गांभीर्य शब्दों में भरूँ मैं। साधना वाक देवी की...