मनोरंजनमाँ ब्रह्मचारिणी (द्वितीय दिवस) – राजलक्ष्मी श्रीवास्तवnewsadminMarch 20, 2026March 20, 2026 by newsadminMarch 20, 2026March 20, 20260141 नव प्रभात की पहली किरण में, तेरा ही उजियारा है, मां ब्रह्मचारिणी, तेरा रूप तपस्या का सितारा है। श्वेत वसन में सजी हुई, शांति की...
मनोरंजनस्त्रियाँ – सविता सिंहnewsadminMarch 18, 2026 by newsadminMarch 18, 2026096 सिद्धार्थ को गौतम बनाती स्त्रियाँ अधिक हैं, मृत प्राणों को फिर से लाती स्त्रियाँ अधिक हैं। तीज और करवाचौथ निभाती स्त्रियाँ अधिक हैं, सबकी राह...
मनोरंजनफूल देई पर्व की महिमा – सुनील गुप्ताnewsadminMarch 17, 2026 by newsadminMarch 17, 20260106 ( 1 ) अनोखा पर्व प्रकृति समृद्धि का., है फूल देई !! ( 2 ) रंग-बिरंगे फूलों से देहरी को., मिल सजाते !! ( 3...
मनोरंजनकविता – वैशाली रस्तोगीnewsadminMarch 17, 2026 by newsadminMarch 17, 2026098 कुछ बात कल के लिए मत छोड़ो । कुछ बात कल के लिए मत छोड़ो ,जिंदगी को जीने दो। हर पल को जीने दो,अपने दिल...
मनोरंजनज़िंदगी – रुचि मित्तलnewsadminMarch 16, 2026March 16, 2026 by newsadminMarch 16, 2026March 16, 2026085 मेरे पास किसी दर्पण की तरह नहीं आती वो तो खिड़की पर बैठे कबूतर सी हर सुबह मेरी उंगलियों से फिसल जाती है। मैं उसे...
मनोरंजन कभी मनोरंजन का सशक्त माध्यम रहीं कठपुतलियां (विश्व कठपुतली दिवस 21 मार्च)newsadminMarch 16, 2026March 16, 2026 by newsadminMarch 16, 2026March 16, 20260146 neerajtimes.com (kumar sandeep) – कभी मनोरंजन का सशक्त माध्यम रहीं कठपुतलियां जागरूकता का काम भी कर रही हैं। कठपुतलियों के जरिए सामाजिक मुद्दों को रोचक...
मनोरंजनगीतांश – मणि अग्रवालnewsadminMarch 15, 2026 by newsadminMarch 15, 20260101 तुम जीवन गीत बनो साजन, मधुघट मधुरस छलकाएगा। फिर प्राची माँग सजाएगी, अँधियारा अलक सजाएगा।। यौवन की कच्ची ड्योढ़ी पर, तानों की हैं बंदनवारें। लज्जा,...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminMarch 14, 2026March 14, 2026 by newsadminMarch 14, 2026March 14, 2026069 मिन्नतें वो हजार करता है। प्यार भी बेशुमार करता है। मिल न पायी तुझे मैं तसुव्वर मे। ख्याब पर अब तू वार करता है।...
मनोरंजनभोजपुरी धमाल होली – श्याम कुंवर भारतीnewsadminMarch 14, 2026 by newsadminMarch 14, 20260162 नेहिया टूटी धागा दुई भागा। मोर सइयां सुहागा घरे आजा। देखी देखी देहिया नेहियां जगावे। सइयां बेदर्दी के सूरतिया सतावे। फागुन के दिनवा सुहावन...
मनोरंजनमेरी कलम से – डॉ क्षमा कौशिकnewsadminMarch 13, 2026 by newsadminMarch 13, 20260154 समय नहीं थमता है, पल-पल बढ़ता जाता है। प्रतिदिन सूरज उगता, शाम ढले छिप जाता है।। इस जीवन का सत्य हमें, नित ही समझाता है।...