मनोरंजन“अषाढ़ – सावन का द्वार” – डॉ अनमोल कुमारnewsadminJuly 9, 2026 by newsadminJuly 9, 2026097 अषाढ़ आया, बादल लेकर, सावन का द्वार खोल गया। धरती ने ओढ़ी भीगी चादर, पेड़ों पर नया पात डोल गया। किसान के चेहरे पर खुशी,...
मनोरंजनधड़कता हुआ दिल – रुचि मित्तलnewsadminJuly 8, 2026 by newsadminJuly 8, 2026096 धड़कता हुआ दिल किसी इमारत पर रखी अज़ान नहीं है कि सब सुन लें वह तो सीने के अंधियारे में जलती हुई एक छोटी-सी लौ...
मनोरंजनश्री विष्णु वंदे हरि – सुनील गुप्ताnewsadminJuly 7, 2026 by newsadminJuly 7, 2026085 श्री विष्णु वंदे हरि, नमन शान्ताकारं ! आप बसते हो हरि, हिय हमारे.., भवभयहरं, सर्वलोकैकनाथम् !!1!! श्री विष्णु वंदे हरि, मेघवर्णँ शुभाङ्गम् ! आप हरो...
मनोरंजनआशिक पुराना – श्याम कुमार भारतीnewsadminJuly 6, 2026 by newsadminJuly 6, 2026084 खुश हो कि मैं तेरा पागल दीवाना लगता हूं। कह दो कि मैं तेरा आशिक पुराना लगता हूं। मेरे हाल पे मुस्कुराते हो अच्छा...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminJuly 5, 2026 by newsadminJuly 5, 20260117 मर रहा सड़क पर अजी आदमी, क्यो किसी को बचाता नही आदमी। वो तो वादे भले रात दिन अब करे, वक्त पे काम आया...
मनोरंजनबदल गया इंसान (लघुकथा) – डा. सहदेव बालियानnewsadminJuly 4, 2026 by newsadminJuly 4, 20260123 neerajtimes.com – ज्येष्ठ महीने की चिलकती धूप वाली तेज गर्मी पड़नी शुरू हो गई थी.सुबह शाम क्यारी के पेड़-पौधों की सिंचाई करने से मिट्टी में...
मनोरंजनतेरे जाने का गम – राजलक्ष्मी श्रीवास्तवnewsadminJuly 3, 2026 by newsadminJuly 3, 20260119 तेरे जाने का ग़म आज भी है, दिल के कोने में नम आज भी है। वक़्त ने लाख समझाया मुझको, पर तेरा ही करम आज...
मनोरंजनसाहित्य के सच्चे साधक यमराज मित्र डॉ.सुधीर श्रीवास्तव – शिखा गोस्वामीnewsadminJuly 3, 2026 by newsadminJuly 3, 20260137 neerajtimes.com – ,कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका परिचय उनके नाम से नहीं, बल्कि उनके कर्म, व्यवहार और संस्कार से होता है। आ. सुधीर श्रीवास्तव...
मनोरंजनकाँपे सब जज़्बात – डॉ. प्रियंका सौरभnewsadminJuly 2, 2026 by newsadminJuly 2, 20260105 कटते जंगल रो रहे, काँपे सब जज़्बात। मानव अपने हाथ से, लिखता खुद की मात॥ धरती माँ की छाँव थे, हरियाले वनराज, इनके दम...
मनोरंजनसृजन के गर्भ में पलती रचना कर्म की सहयात्री विधा समालोचना – विवेक रंजन श्रीवास्तवnewsadminJuly 1, 2026July 1, 2026 by newsadminJuly 1, 2026July 1, 2026088 neerajtimes.com – साहित्यिक विमर्श में यह प्रश्न एक अनुत्तरित पहेली की भाँति उपस्थित रहता है, कि क्या आलोचना वास्तव में सृजन है? सृजन (रचनाकर्म) क्रिएटिव...