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भोजपुरी कजरी लोक गीत – श्याम कुंवर भारती

वनवा सुना लागे बरखा के बौछार में ।
कान्हा के इंतजार में ना।
मथुरा भूली गइला सौतिनिया के प्यार में ।
कान्हा के इंतजार में ना ।

कइला वादा हमहूँ आइब
तोहके कबहु ना भुलाईब ।
झुला कइसे झूली सावन के फुहार में।
कान्हा के इंतजार में ना।

झिर झिर बदरा बरसे
तोहके देखे नैना मोर तरसे ।
सखियाँ गावे कजरी मेघ मल्हार में।
कान्हा के इंतजार में ना ।

वृंदावनवा लागे सुना सुना
नैना बरसे सवारिया बिना।
नईया डुबे यमुना के मझधार में
कान्हा के इंतजार में ना।

जबले आईबा ना तू कान्हा
तड़पे रात दिनवा गोरी राधा।
मर गइली राधा तोहरे प्यार में ,
कान्हा के इंतजार में ना ।

  • श्याम कुंवर भारती (राजभर)
    बोकारो, झारखण्ड, माॅब.9955509286

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