द्वापर में मथुरावासी सँग, सारा भारत था बेहाल।
नारायण से करें प्रार्थना, प्रभु जी आप सुधारो हाल।।
अवतारी फिर से धरती पर, आओ करने को उद्धार।
बंदीगृह में तब ही जन्मे, नटवर नागर नंदगोपाल।।
कृष्ण बड़े मनमोहक हैं मुरली मनभावन नित्य बजाते।
प्रेम करें हर भक्तन से शुभ जीवन की वह राह दिखाते।
योग प्रयोग करे जन मानस जीवन पद्धति वो सिखलाते।
कर्म करें फल को न तकें यह गूढ़ रहस्य सदा बतलाते।1
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश