मनोरंजनगीत – मधु शुक्लाnewsadminNovember 8, 2025 by newsadminNovember 8, 20250210 हमें प्रेरणा देता दिनकर, हितकारी मन रखने की । समता का हम आदर सीखें , बात बुरी छल करने की।। दूर रखें आलस को...
मनोरंजनसाबित कीजिए कि आप जिंदा हैं (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तवnewsadminNovember 8, 2025November 8, 2025 by newsadminNovember 8, 2025November 8, 20250207 neerajtimes,com – हर साल नवंबर आते ही ठंड से ज्यादा ठिठुरन सरकारी आदेशों से लगती है। पेंशनर घरों से बाहर निकलते हैं, क्योंकि साबित करना...
मनोरंजनमेरी कलम से – नीलांजना गुप्ताnewsadminNovember 7, 2025 by newsadminNovember 7, 20250181 पंकज रह ज्यों पंक में रहता है निर्लेप, त्यों प्राकृत व्यवहार में मत करिये आक्षेप। गुरु तू मेरा कमल दल मुझे दिया है ज्ञान,...
मनोरंजनअनकही तकलीफें – प्रियंका सौरभnewsadminNovember 6, 2025 by newsadminNovember 6, 20250158 तकलीफें, जो दिखती नहीं, मगर भीतर चुभती रहती हैं। कह न सके जो दिल की भाषा, वो लहरें मद्धम-सी बहती हैं। आँखों में छुपा...
मनोरंजनखुशियों का बगीचा – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminNovember 5, 2025 by newsadminNovember 5, 20250185 छोटे-छोटे फूल खिलें, रंग-बिरंगे खुशबू मिलें। तितलियाँ रंग बिखेरें, गुनगुनाएँ मधुर स्वर करें। पेड़-झाड़ों की छाँव तले, खेलें बच्चे हँसते-मुहँफट। खुशियों से भरा ये...
मनोरंजनरहें न गरूर में – सुनील गुप्ताnewsadminNovember 5, 2025 by newsadminNovember 5, 20250245 ( 1 ) रहें न यहाँ , कभी गरूर में ! रहें ‘ स्व ‘, में स्थिर…., छोटे से मन घर में !! ...
मनोरंजनकृषि लोक गीत (भोजपुरी) – श्याम कुमार भारतीnewsadminNovember 3, 2025 by newsadminNovember 3, 20250259 अबले कटल नाही खेतवा के सब धनवा हो, ज़ननवा मनवा रसल हमरो। जब जब धन कटनी के मनाई, देहली हमके धकियाई। मंगली सोनवा के...
मनोरंजनकविता – जसवीर सिंह हलधरnewsadminNovember 3, 2025 by newsadminNovember 3, 20250210 सोने की पायल छनन छनन ! आयी पहने भृष्टाचारन !! छन छन पायल झंकारों से , नैनों के कुटिल प्रहारों से ! संसद...
मनोरंजनचुनावी मौसम में सक्रिय घोषणा ग्रंथि (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तवnewsadminNovember 3, 2025 by newsadminNovember 3, 20250167 neerajtimes.com – चुनाव का मौसम शुरू होते ही नेताओं के भीतर एक खास ग्रंथि सक्रिय हो जाती है,घोषणा ग्रंथि। इस ग्रंथि के जागते ही नेता को...
मनोरंजनदिल ने कहा – सविता सिंहnewsadminNovember 2, 2025 by newsadminNovember 2, 20250208 आज फिर धड़कन बढ़ी आये जब वो सामने। लगा कि शायद बदले पूर्ववत थे अनमने। कभी तो तू भी बदल कभी तो हम भी तने।...