मनोरंजनप्यारा सा गुड़िया घर – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminNovember 1, 2025November 1, 2025 by newsadminNovember 1, 2025November 1, 20250244 गुड़िया का प्यारा सा घर, रंग-बिरंगा बड़ा मज़ेदार। खिड़कियाँ, दरवाज़े सब हैं सजे, खुशियों से भरा हर कोना। गुड़िया खेलती, हँसती आई, दोस्तों संग...
मनोरंजनबेदर्द शहर – मीरा पाण्डेयnewsadminOctober 31, 2025 by newsadminOctober 31, 20250209 बेदर्द शहर था उनका . ….लोग बड़े सवाली थे . …..बात शोहरत की करते ….और मोहब्बत से झोली खाली थे . …………. मेरी आरजू थी...
मनोरंजनएक फैशन बन गया हर उत्सव – गुरुदीन वर्माnewsadminOctober 31, 2025 by newsadminOctober 31, 20250183 \(शेर)- वो ख्वाब जो देखे थे हमने, आज़ाद हुआ जब हिन्दुस्तां। साकार हुए हैं कितने स्वप्न, कितने बाकी है अब अरमां।। क्या चैनो-अमन है हर...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminOctober 30, 2025 by newsadminOctober 30, 20250168 करे जो देश की सेवा,उन्ही के नाम होते हैं। लड़े जो देश की खातिर,नही गुमनाम होते हैं। सुनो बातें जमाने की,निकाले दोष गैरो के।...
मनोरंजनएक पुराना पेड़ – सुनील गुप्ताnewsadminOctober 30, 2025 by newsadminOctober 30, 20250212 एक पुराना पेड़ पीपल का खड़ा अटल किनारे सड़क पे ! देता घनी छाँव राहगीरों को.., गर्मी सर्दी हरेक मौसम में ये !!1!! कभी...
मनोरंजनगीतिका – मधु शुक्ला newsadminOctober 29, 2025 by newsadminOctober 29, 20250213 सुख दुख मिलकर जहाँ बाँटते, कहलाता परिवार। प्रीत परस्पर त्याग भाव ही, जीने का आधार। जीवन पथ के कंटक जब – जब, भटकाते...
मनोरंजनमानव का जीवन – जसवीर सिंह हलधरnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250165 कड़वा मीठा या खट्टा है,मानव का जीवन पट्टा है । हैं एक पक्ष के हस्ताक्षर ,दूजे को कुछ अधिकार नहीं ।। पहरा है उसका सांसों...
मनोरंजनछठ पर्व – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250170 व्रत रखें सब लोग दिन भर साँझ को पूजन करेंगे। टोकरी में ठेकुआ, फल-फूल भर सिर पर धरेंगे। हों खड़ें जल में सभी जन अर्घ्य...
मनोरंजनभोजपुरी छठ गीत – श्याम कुंवर भारतीnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250223 सइयां से पुछेली दुलहीनिया, कई से अबकी छठ होई दईया। जइसे भईल पिछला साल धनिया पूरा करिहें अबकी छठ मईया । कई से अबकी छठ………..।...
मनोरंजनप्रकृति के रंग – रश्मि मृदुलिकाnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250168 सात रंग बिखर जाते हैं| क्षितिज के आखिरी छोर तक, कभी चमकीले तारों में दिखते, सुनहरे रंग संध्या के नैत्र तक, सफेद रंगों में...