मनोरंजनफ़र्ज़ की राह – डॉ अमित कुमारnewsadminDecember 12, 2025December 12, 2025 by newsadminDecember 12, 2025December 12, 20250184 दरवाज़ों पर दस्तक देता गली गली में चलता थकान को जेब में दबाए एक BLO निकल पड़ता किसी की आँखों में उपेक्षा की परछाई मिलती...
मनोरंजनओर-छोर – सविता सिंहnewsadminDecember 11, 2025 by newsadminDecember 11, 20250171 शांत हो गए सब शोर पर आई कहाँ वह भोर, अब बता ए दिल जरा जाएगा कित ओर। अस्त होता सूरज मद्धम पटरी पर चलती...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminDecember 11, 2025 by newsadminDecember 11, 20250191 सुनो देखूँ तुम्हारा चाँद सा चेहरा निगाहों में। जरा तू पास अब आ जा,मुझे ले ले तू बाँहो में। बुनें हैं ख्याब जो दिल...
मनोरंजनसंघर्ष, चेतना और बदलाव की काव्य यात्रा हैं ” नया सवेरा ” – डॉ अमित कुमार बिजनौरीnewsadminDecember 11, 2025December 11, 2025 by newsadminDecember 11, 2025December 11, 20250260 neerajtimes.com – जालिम प्रसाद की पुस्तक “नया सवेरा” आधुनिक हिंदी कविता में संघर्ष, चेतना और सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरती है। यह...
मनोरंजनगीता जयंती – सुनील गुप्ताnewsadminDecember 10, 2025 by newsadminDecember 10, 20250176 ( 1 )” गी “, गीता सुगीता चलें गाए, आओ, गीता जयंती पर्व मनाएं ! है श्रीहरि मुखारबिंद से ये निसृत वाणी, आओ इसे पढ़ें...
मनोरंजनचाह – रेखा मित्तल newsadminDecember 9, 2025 by newsadminDecember 9, 20250199 नहीं चाह महलों और अट्टालिकाओं की न ही सजे हुए बेशकीमती झाड़फानूसों की केवल सुकून तुम्हारी बलिष्ठ भुजाओं का मुझे तो तुम्हारा साथ चाहिए था...
मनोरंजनप्रभाती वंदन – डॉ गीता पांडेयnewsadminDecember 8, 2025 by newsadminDecember 8, 20250182 गुरु गुरुवर यदि मान करोगे, जग जाएगा तेरा भाग। धर्म-कर्म नित करते रहना, लड़ो असत से मानव जाग। कर्म करो हे मानव जग में, कर्मों...
मनोरंजनउस जीवन का कोई मतलब नहीं – गुरुदीन वर्माnewsadminDecember 8, 2025 by newsadminDecember 8, 20250296 फ़क़त कैद है जो अपने ही स्वार्थ में, उस जीवन का कोई मतलब नहीं। जो चाहता है सिर्फ अपनी ही खुशी, उस आदमी की...
मनोरंजनमुझमे ही निहित हो प्रियवर – सविता सिंहnewsadminDecember 8, 2025 by newsadminDecember 8, 20250159 नीरव मन में उद्वेलित कुछ वह लम्हें, खुलने को आतुर अधखुली सी गिरहें, कुसुमित स्मित मृदु प्रणय के वह पल दृग पुलिनों में तैरती वो ...
मनोरंजनगुरु वंदन (अगुतंक कविता) – डॉ अमित कुमारnewsadminDecember 6, 2025December 7, 2025 by newsadminDecember 6, 2025December 7, 20250163 माँ — जिसने प्रथम शब्द सिखाया, जिसकी लोरी में जीवन का पहला संगीत बसा। उसकी ममता ही मेरे व्यक्तित्व की जड़ें बनी, उसका आशीष ही...