मनोरंजनप्रभाती वंदन – डॉ गीता पांडेय by newsadminDecember 8, 20250181 Share0 गुरु गुरुवर यदि मान करोगे, जग जाएगा तेरा भाग। धर्म-कर्म नित करते रहना, लड़ो असत से मानव जाग। कर्म करो हे मानव जग में, कर्मों से बदले तकदीर। कर्मयोग का पाठ पठो सब, गीता से रखना अनुराग।। -डॉ गीता पांडेय अपराजिता सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश