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प्रभाती वंदन – डॉ गीता पांडेय

गुरु गुरुवर यदि मान करोगे,

जग जाएगा तेरा भाग।

धर्म-कर्म नित करते रहना,

लड़ो असत से मानव जाग।

कर्म करो हे मानव जग में,

कर्मों से बदले तकदीर।

कर्मयोग का पाठ पठो सब,

गीता से रखना अनुराग।।

-डॉ गीता पांडेय अपराजिता

सलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेश

 

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