क्राइम

जमुई के आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन 

neerajtimes.com  गया जी। जमुई में 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा को रास्ते में कथित रूप से जबरन रोककर अपमानित, प्रताड़ित एवं उत्पीड़ित किए जाने की घटना के विरोध में आज गया में गांधी मैदान गेट नंबर-07 के समीप कांग्रेस पार्टी के तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार ने की। धरना-प्रदर्शन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के डॉ. शशि शेखर सिंह, प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, रंजीत कश्यप, राम प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, धर्मेंद्र कुमार निराला, नवाब अली, मदन सिंह, उदय शंकर पालित, सुनील कुमार पासवान, समी अहमद, मोहम्मद ताज उद्दीन, शंभू शरण सिंह, प्रदीप शर्मा, रंजीत सिंह, ज्ञानेन्द्र शिशु, धीरज कुमार वर्मा, इंदल पासवान, राज कपूर गुप्ता, अंशु सिन्हा, राहुल रंजन, राजेन्द्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, अनिल पासवान, ओंकार शक्ति, अर्जुन गुप्ता, मुन्ना मांझी, कौशल श्रीवास्तव, शिवनाथ प्रसाद, रौशन कुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित रहे।

धरना को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वायरल वीडियो में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ जिस प्रकार का कथित दुर्व्यवहार दिखाई दे रहा है, वह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। नेताओं ने कहा कि वीडियो में छात्रा द्वारा हाथ जोड़कर विनती किए जाने के बावजूद उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और खींचतान की गई। इस घटना के वीडियो के वायरल होने से बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार से सवाल किया कि यदि शाम के समय सड़क पर एक नाबालिग छात्रा सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? नेताओं ने मांग की कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

नेताओं ने मांग की कि यदि जांच में नाबालिग के साथ यौन अपराध के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो POCSO अधिनियम सहित लागू सभी कानूनी प्रावधानों के तहत निष्पक्ष एवं शीघ्र कार्रवाई की जाए और दोष सिद्ध होने पर न्यायालय द्वारा कानून के अनुसार कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के पूर्व दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिहार की बेटियां और बच्चे दिन हो या रात, बिना भय के सार्वजनिक स्थानों पर आ-जा सकें। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। –      रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

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