उत्तराखण्ड

हृदयांगन एवं जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक संस्थाओं के तत्वावधान में काव्य-संध्या

neerajtimes,com Dehradun – हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तथा जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून में एक गरिमामयी एवं भावपूर्ण काव्य-संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं की प्रस्तुति देकर संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’ के माँ सरस्वती की वंदना से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्ति, संस्कृति एवं साहित्यिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।
कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की संस्थापक-अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार शिव मोहन सिंह तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में लक्ष्मी प्रसाद बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’, जी.के. पिपिल एवं अरुण भट्ट की गरिमामयी उपस्थिति रही।
काव्य-पाठ करने वाले साहित्यकारों में डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, शिव मोहन सिंह, कविता बिष्ट ‘नेह’, जसवीर हलधर, जी.के. पिपिल, मणि अग्रवाल ‘मणिका’, रविन्द्र सेठ, महेंद्र प्रकाशी, शोभा पाराशर ‘सजल’, सत्य प्रकाश शर्मा ‘सत्य’, रेखा जोशी, अर्चना झा ‘सरित’, नवीन आज़म, नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’, स्वाति मौलश्री, संगीता शाह ‘शकुन’, निकिता चतुर्वेदी, धृति चतुर्वेदी एवं मलय चतुर्वेदी ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवियों ने देशभक्ति, प्रेम, शृंगार, त्याग, बलिदान एवं मानवीय संवेदनाओं पर आधारित अपनी रचनाओं के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति को श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ भरपूर सराहना दी।
हृदयांगन एवं जीवन्ती देवभूमि परिवार के इस सफल एवं सुंदर आयोजन हेतु समस्त सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। सभी रचनाकारों ने अपने उत्कृष्ट काव्य-पाठ से साहित्यिक वातावरण को रसपूर्ण एवं प्रेरणादायी बना दिया।
इस अवसर पर डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी एवं अरुण भट्ट का जन्मदिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया। उपस्थित सभी साहित्यकारों ने उन्हें स्वस्थ, दीर्घायु एवं सतत साहित्य-साधना से परिपूर्ण जीवन की शुभकामनाएँ दीं।
प्रिय धृति एवं मलय को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से बधाई दी गई तथा उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की कामना की गई।
डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ का आत्मीय एवं स्नेहपूर्ण आतिथ्य सदैव की भाँति अत्यंत सराहनीय रहा, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी का स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सभी को प्राप्त हुआ। उनके आत्मीय अपनत्व, सौहार्द एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व के प्रति उपस्थित साहित्यकारों ने हृदय से आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ एवं श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने सभी आगंतुकों, साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। साहित्य, संस्कृति, स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण यह काव्य-संध्या सभी उपस्थित जनों के लिए एक अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायक अनुभव सिद्ध हुई।
हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था संस्थापक: डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष: डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’

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