neerajtimes.com गुमला। आकांक्षी प्रखण्ड, डुमरी के औरापाट में जिला प्रशासन की अद्भुत पहल पर जिला योजना कार्यालय, गुमला और नीति आयोग के सौजन्य से मशरूम उत्पादन , विपणन, मूल्यसंबर्धन, प्रसंस्करण और बाजारीकरण के समीक्षात्मक सभा को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त, अनिमेश रंजन ने कहा कि मशरूम उत्पादन और बिक्री से आदिम जनजाति और जनजातियों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने मशरूम उत्पादों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मशरूम प्रसंस्करण से इनकी आमदनी में काफी इजाफा हुआ है।
मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, अमित सतीजा ( भाप्रसे ) ने परियोजना निरीक्षण करने के बाद कहा कि मशरूम उत्पादन से ना केवल आयसृजन में मदद मिलेगी बल्कि आदिम जनजाति और जनजातियों के जीवन में काफी सुधार होगा। उन्होंने ने लाभार्थियों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से लाभकारी योजनाओं की समीक्षा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन के आय से आप लगातार आमदनी बनाएं। कार्यक्रम का संचालन, जिला योजना पदाधिकारी, रमण कुमार ने किया। साथ ही उन्होंने योजना का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
इस मौके पर जेएसपीएस के जिला परियोजना प्रबंधक, शैलेन्द्र जारिका चैनपुर के अनुमण्डल पदाधिकारी,हरि उराँव ने आकांक्षी प्रखण्ड के पहल परियोजना का रिपोर्ट विस्तार से प्रस्तुत किया।प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, उमेश कुमार स्वांसी सहित कई लोगों ने संबंधित किया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी एजेंसी, एपीपी एग्रीगेट खूंटी द्वारा किया गया। एपीपी एग्रीगेट खूंटी के राज्य प्रमुख, डॉ अनमोल कुमार, प्रशिक्षक, नवीन कुमार पाण्डेय, और गजाला पर बीन, प्रदान के अभय कुमार, बीपीएम, दिलशाद ने भी विचारों की अभिव्यक्ति किया।