( 1 ) राधा-राधा
नित नाम जपती जिह्वा,
चले स्वयं को हमने साधा !!
( 2 ) राधा-राधा
बसीं प्राणों में राधा,
हो गयीं दूर सभी बाधा !!
( 3 ) राधा-राधा
श्वासों में राधा बसा,
तृप्त हुआ तन-मन प्यासा !!
( 4 ) राधा-राधा
गाते चले मन नाचा,
मिला वही जो दिल ने चाहा !!
( 5 ) राधा-राधा
बन गया जीवन तराना,
चले भव सागर पार लगाना !!
– सुनील गुप्ता, जयपुर,राजस्थान |