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छंद छटा :- जसवीर सिंह हलधर

राह अब मोड़ डालें, जाति बांध तोड़ डालें ,

हिंदुओं के पास यही  , जानदार मंत्र है ।

 

जो भी सभ्यता नकारे , आतंकी हमें पुकारे ,

जूतियों का हार उन्हें , यादगार जंत्र है ।।

 

राम कृष्ण का ये देश , सहिंष्णु है परिवेश ,

संविधान है विशेष , शानदार तंत्र है ।

 

तोड़े जो भी भाई चारा, शत्रु है वही हमारा ,

ऐसे जालिमों के लिए , धारदार यंत्र है ।।

:- जसवीर सिंह हलधर, देहरादून

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