मनोरंजन

शब्द महिमा – कालिका प्रसाद

शब्द हौसले बढ़ाते है,

शब्द चेतना जागाते है,,

शब्द रिश्ते  निभाते है

शब्द  अपना  बनाते है।

 

शब्द.  मुलायम  होते है,

शब्द.   कठोर  होते है,

शब्द   हृदय को  छूते है

शब्द दिल को दुःख देते है

 

शब्दों से ही व्यक्ति का पता चलता है,

शब्दों के  द्वारा  अपनी बात कहते है,

शब्दों   से ही  तोल   मोल होता   है

शब्दों से ही  प्रभावित किया जाता है।

 

शब्द   हँसाते  है,

शब्द जोड़ते   है,

शब्द  रूलाते   है

शब्द   तोड़ते  ‌ है।

 

शब्द   प्रेरणा   देते  है,

शब्द नकारात्मक होते है,

शब्द  उत्साहित  करते है

शब्द मनोबल. गिराते है।

 

शब्द ही अपना बनाते है,

शब्द ही दुश्मन बनाते है,

शब्द ही राह  दिखाते  है,

शब्द   ही   भटकाते है।

 

शब्द ही   जोश भरते  है,

शब्द हतोत्साहित करते है,

शब्द से ही स्तुति  होती है

शब्द   बह्म ‌  होते     है ।

– कालिका प्रसाद सेमवाल

मानस सदन अपर बाजार

रूद्रप्रयाग  उत्तराखण्ड

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