मनोरंजनमौन की पंखुड़ियाँ – प्रियंका सौरभnewsadminDecember 4, 2025 by newsadminDecember 4, 2025084 मैंने देखा है, उन पत्तों को, जो आंधी में कांपते हैं, जिनकी जड़ें मिट्टी में हैं, पर मन खुली हवा का सपना देखता है। ...
मनोरंजनमेरी कलम से – रुचि मित्तलnewsadminDecember 4, 2025 by newsadminDecember 4, 20250135 आँचल में अपने ओढ लूँ दुनिया की हर ख़ुशी, फिर भी न जाने आस ये टूटी हुई है क्यों। हमको हमारी आँख में आँसू...
मनोरंजनडिजिटल दोस्ती – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminDecember 3, 2025 by newsadminDecember 3, 20250106 कंप्यूटर स्क्रीन के पीछे से, दोस्त मिले दुनिया के कई हिस्से। चैट करें, हँसे, खेलें ऑनलाइन, सीखें सब कुछ, बने सुपर फाइन। पर याद...
मनोरंजनसुन रही पदचाप मैं – नीलांजना गुप्ताnewsadminDecember 3, 2025 by newsadminDecember 3, 20250117 सुन रही पदचाप मैं भी घोर कलयुग आ रहा है, इक निहत्था सन्त यूँ निर्दोष मारा जा रहा है। प्रजा-रक्षक भी वहीं पर हाथ...
मनोरंजनगज़ल – ऋतुबाला रस्तोगीnewsadminDecember 2, 2025 by newsadminDecember 2, 2025077 कभी किसी को प्यार किया था। हमने भी इकरार किया था। आँखों आँखों में बातें कीं, आँखों से इजहार किया था। पत्ता पत्ता...
मनोरंजनगौरव – सुनील गुप्ताnewsadminDecember 2, 2025 by newsadminDecember 2, 20250155 है गौरव मुझे मेरी माटी का जिस भूमि पे मैंने जन्म लिया ! रहूँगा बना सदैव उसका ऋणी….., उसके लिए प्राणों को तज दूंगा !!1!!...
मनोरंजनप्रेम शृंगार पावन – कविता बिष्ट ‘नेह’newsadminDecember 1, 2025 by newsadminDecember 1, 20250192 निहारो मुझे आज प्यारे कन्हाई दिखी राधिका सी मनोहर। तुम्हारी सदा के लिए ही रहूँगी तुम्हीं हो हमारे अगोचर।। मिला है मुझे प्यार देखो पिया...
मनोरंजनऐ री सखि – अनुराधा पाण्डेयnewsadminNovember 30, 2025 by newsadminNovember 30, 20250120 सम्मुख जिसके सब झुक जाए । चिर आनंदित जो कर जाए । देखूँ तो मन होता चंगा । क्या सखि गंगा? . . . नहीं…...
मनोरंजनकिताब के पन्ने – भूपेश प्रताप सिंहnewsadminNovember 30, 2025 by newsadminNovember 30, 2025078 एक दूसरे से सटे अलग-अलग विचारों में बँटे बिना किसी संकोच के अमूर्त रूप में बतियाते रहते हैं किताब के पन्ने l एक ही...
मनोरंजनआसियाना हमारा – अनिरुद्ध कुमारnewsadminNovember 29, 2025 by newsadminNovember 29, 2025077 खुदी का जहाँ को इशारा यही है, रहो प्यार से मिल किनारा यही है। जमीं आसमां के तलें हो बसेरा, सदा दिल लगाओ पसारा...