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आसियाना हमारा – अनिरुद्ध कुमार

खुदी का जहाँ को इशारा यही है,

रहो प्यार से मिल किनारा यही है।

 

जमीं आसमां के तलें हो बसेरा,

सदा दिल लगाओ पसारा यही है।

 

मुहब्बत जवां हो यही कामयाबी,

समझ जिंदगी का नजारा यही है।

 

करो आदमी पर भरोसा हमेशा,

मिलेगी बुलंदी सहारा यही है।

*

तमाशा अजूबा सदा मोहता मन,

लगे आसियाना हमारा यही है।

– अनिरुद्ध कुमार सिंह

धनबाद, झारखंड

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