मनोरंजनभावभरी शरद पूर्णिमा – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminOctober 6, 2025 by newsadminOctober 6, 20250221 पूर्णिमा सुंदर शरद की मन उमंग जगा रही। सौध के सम चाँदनी सबके ह्रदय को भा रही।1 श्वेत चादर सी बिछी तारे मलिन अब हो...
मनोरंजनसुबह – प्रतिभा जैनnewsadminOctober 6, 2025 by newsadminOctober 6, 20250320 न ऑफिस की जल्दी हो न नाश्ते की टेंशन हो मैं और तुम ढेर सारी बातें एक सुबह ऐसी हो ठंडी ठंडी हवा हो...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminOctober 5, 2025 by newsadminOctober 5, 20250303 ख्वाब तेरे ही आँखों में जारी है, आँख की दिल से वफादारी है। रोज़ तोड़ता हूँ ताल्लुक मगर, दिलो-दिमाग में खूब यारी है।...
मनोरंजनकविता – नीलांजना गुप्ताnewsadminOctober 5, 2025 by newsadminOctober 5, 20250264 टूट गईं हैं सब जंजीरें भारत माँ मुस्काती है। बीती हुई शौर्य गाथाएं हमकों आज सुनाती।। यही धरा है जहाँ सनातन धर्म-संस्कृति जन्मी...
मनोरंजनकह के रहेंगे – सुनील गुप्ताnewsadminOctober 4, 2025 by newsadminOctober 4, 20250194 चले नेताजी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का, दौरा करने !!1!! बनाके घोड़ी इंसानी पीठ चढ़े, चले मुस्काते !!2!! घंटों चलके समझा दुःख-दर्द, आँखें...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminOctober 4, 2025 by newsadminOctober 4, 20250218 गैरत भरी थी उनमें वो बाज़ार हो गये। छोड़े श़ज़र अकेले,वो बेज़ार हो गये। लब खूबसूरत उनके नशा मुझको अब हुआ ऐसा चढ़ा...
मनोरंजननन्हा पेड़ – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminOctober 3, 2025 by newsadminOctober 3, 20250168 नन्हा पेड़ बड़ा प्यारा, छाँव देता हमारा। पंछी बैठते डालों पर, गाते मीठा गाना सारा। सूरज की रौशनी में खिलता, हरे पत्तों से...
मनोरंजन“मोह सदैव दु:ख देता है” – डा. अंजु लताnewsadminOctober 3, 2025 by newsadminOctober 3, 20250247 अपनों से अपनत्व रखें हम, संस्कार यही कहते हैं- मोह-माया के मोहक धागे,इसीलिये बांधे रखते हैं, राजा हो गया रंक कोई ,जीव-जंतु,पशु-पाखी- जुड़े परस्पर...
मनोरंजनखास समझ लेता मैं पहले तो – गुरुदीन वर्माnewsadminOctober 2, 2025 by newsadminOctober 2, 20250199 खास समझ लेता मैं पहले तो, ऐसा तो नहीं होता। होता साथ खुदा का भी, ऐसे अकेला तो नहीं होता।। खास समझ लेता मैं...
मनोरंजनघनाक्षरी – कविता बिष्टnewsadminOctober 2, 2025 by newsadminOctober 2, 20250383 अंग धारि धनु बाण,दिव्य ज्योति शक्ति प्राण, लखन सह श्रीराम ,जनक दुलारी है। भाल पड़ी जय माल,गाल हैं गुलाबी लाल, दशरथ सुपुत्र हुआ,...