मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminAugust 26, 2022 by newsadminAugust 26, 20220444 नहीं बिजनौर से आयी न आयी है नगीने से । गुलाबी है ग़ज़ल मेरी लिखी दो घूँट पीने से । बड़े उस्ताद शाइर भी...
मनोरंजनगजल – ऋतु गुलाटीnewsadminAugust 26, 2022 by newsadminAugust 26, 20220327 ये हालात भी कसमसाने लगेगे, बुरा जिंदगी को बनाने लगेगे। न सोची जुदाई मिलेगी वफा से, ये अपने भी दिल को दुखाने लगेगे। ...
मनोरंजनराम काज लगि तव अवतारा – डा० नीलिमा मिश्राnewsadminAugust 26, 2022 by newsadminAugust 26, 20220310 neerajtimes.com काशी (उ० प्र०)- राष्ट्रीय कवि संगम मंच काशी प्रांत के अध्यक्ष श्री राज अग्रहरि और काशी प्रांत के सलाहकार, निवर्तमान विधायक कौशांबी लाल बहादुर...
मनोरंजनप्रेरणा हिंदी सभा में हिंदी प्रेमियों का अनवरत जुड़ना जारीnewsadminAugust 26, 2022 by newsadminAugust 26, 20220333 neerajtimes.com जबलपुर – सारे देश में हिंदी का अलख जगाने वाले हिंदी प्रेमियों का प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा में शामिल होने का दौर जारी है।...
मनोरंजनकविता – जसवीर सिंह हलधरnewsadminAugust 25, 2022 by newsadminAugust 25, 20220356 निर्णय ले आया घट घट नया उजाला । अब राम लला का मंदिर बनने वाला ।। अपने सिर पर अब पाप नहीं ढोएंगे ।...
मनोरंजनजगो अज्ञानी – अनिरुद्ध कुमारnewsadminAugust 25, 2022 by newsadminAugust 25, 20220359 सोया काहे उठ जाग अभी, जगको दिखलाना कारिगरी। क्या स्वर्ग नर्क की बात करे, बेकाम किसी का मोल नहीं।। पुरुषार्थ बड़ा करनी भरनी, नित...
मनोरंजनगोविंद से बड़ा गुरु – गुरुदीन वर्माnewsadminAugust 25, 2022 by newsadminAugust 25, 20220461 गोविंद से बड़ा होता गुरु है। ब्रह्मा, विष्णु , महेश भी गुरु है।। माँ- बाप सा प्यार देता गुरु है। जगत की ज्योति होता गुरु...
मनोरंजनग़ज़ल – बृंदावन राय सरलnewsadminAugust 24, 2022 by newsadminAugust 24, 20220388 पराए दर्द को सीने में पाल कर देखो। तुम अपनी आंख से आँसू निकाल कर देखो।। पराई आबरू लेने का भेद जानोगे, खुद अपनी...
मनोरंजनगज़ल़ – किरण मिश्राnewsadminAugust 24, 2022 by newsadminAugust 24, 20220404 तमन्नाओं को गले मैं लगा न सकी, बात दिल की ..तुम्हें मैं बता न सकी! मन की हसरत सजोंये रही उम्र भर, इश्क़ दामन...
मनोरंजनधड़कन – संगम त्रिपाठीnewsadminAugust 24, 2022 by newsadminAugust 24, 20220342 ऐसी बंशी बजाना मेरे मोहन, राधिका बन जाएं जीवन। जैसे फूल को भौंरे नहीं छोड़ते, छोड़े न वैसे तुझको मेरा मन। ऐसी धुन...