मनोरंजनकसम खुदा की – गुरुदीन वर्माnewsadminOctober 14, 2022 by newsadminOctober 14, 20220399 कसम खुदा की, नहीं होगी गलती ऐसी मुझसे। पहुंचे चोट तुमको जिससे, दर्द हो तुमको जिससे।। कसम खुदा की ————————–।। करुंगा तुमसे बातें वही,जिनसे मिले...
मनोरंजनदेखते देखते – रोहित आनंदnewsadminOctober 14, 2022 by newsadminOctober 14, 20220626 बचपन गुजर गया यूं ही देखते देखते, बचपन गुजर गया यूं ही देखते देखते। देखते देखते, भैया देखते देखते।। बचपन में मैं और मेरे मित्र,...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminOctober 12, 2022 by newsadminOctober 12, 20220785 ख्वाहिशे- दिल धुआँ है, क्या बताये दर्द कहाँ है। दहलीज़ पे न आये वो, उन्हें ये कैसा गुमाँ है। आँखे प्यासी दीदार को...
मनोरंजनकविता – प्रदीप सहारेnewsadminOctober 12, 2022 by newsadminOctober 12, 20220711 जून का महिना, थोड़ी बूंदा बांदी । थोड़ी सी उमस, थोड़े काले बादल । बीच बीच में, चलती गर्म हवा । ऑफिस में भी चलती,...
मनोरंजनओ सजन – किरण मिश्राnewsadminOctober 12, 2022 by newsadminOctober 12, 20220706 शारदीय रात्रि, ले रहा मधु चुबंन, विधु मृदुल चाँदनी गात। चंचल-चपला यामिनी, पुलकित मधुर सुहावनी, नृत्यांगना, नक्षत्र तारों की बारात । गीत गाती...
मनोरंजन राष्ट्रीयहर घर तिरंगा लेखन प्रतियोगिता में जि विजय कुमार पुरस्कृतnewsadminOctober 12, 2022 by newsadminOctober 12, 20220658 neerajtimes.com हैदराबाद – आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत हर घर तिरंगा नारा लेखन प्रतियोगिता संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित की गई। विदित हो कि...
मनोरंजनमौसम आते-जाते – समीर राठौरnewsadminOctober 11, 2022 by newsadminOctober 11, 20220607 रवि की बहुरंगी किरण, वसुधा को करती चमन, जब फूले पुष्प कलियां झूमें, भौंरे अनुराग से कुसुम को चूमे। सुंगंधित बहता है पवन, हो...
मनोरंजनगज़ल – झरना माथुरnewsadminOctober 11, 2022 by newsadminOctober 11, 20220578 वादा सनम तुम यूं निभाया करो, हम से नजर भी तुम मिलाया करो। रूठे हुए क्यों हो बताओ जरा, हम पे भी कुछ हक...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminOctober 10, 2022 by newsadminOctober 10, 20220672 दर्द-ए-दिल अपना बताने लगे , रिश्ते मुझसे वो जताने लगे। मैं भी रहा खामोश, देर तलक , पर सब्र मेरा, आजमाने लगे। कसूर...
मनोरंजनचले जाना – अनुराधा पाण्डेयnewsadminOctober 10, 2022 by newsadminOctober 10, 20220502 न रोकूँगी शपथ लेती,नयन भर देख लूँगी बस । चले जाना ,चले जाना ,बलम! आकर चले जाना। निलय के गुलमुहर को बस,प्रतीक्षा भर तुम्हारी है...