मनोरंजननादान जीवन – राजीव डोगराnewsadminSeptember 5, 2022 by newsadminSeptember 5, 20220319 कुछ नादानियां कुछ अठखेलियां बाकी है मुझ में । क्षण-क्षण घूमती मृत्यु के बीच में जीवांत जीवन बाकी है मुझ में। झूठ के...
मनोरंजनगजल – रीतू गुलाटीnewsadminSeptember 4, 2022 by newsadminSeptember 4, 20220317 प्यार है दोनो में तो चर्चा क्यो करे हम। रहना है संग तो पर्चा क्यो? करे हम।। जीवन गुजारना है यार संग संग जब।...
मनोरंजनसुनो मन – मीरा पाण्डेयnewsadminSeptember 4, 2022 by newsadminSeptember 4, 20220353 मैं तुमसे प्रेम नहीं कर सकती, पर अंत तक तुम्हे ही प्रेम करुँगी, मैं साथ तुम्हारे नहीं चल सकती. पर अंत तक तुम्हारे संग चलूंगी,...
मनोरंजनभोजपुरी कजरी गीत – श्याम कुँवर भारतीnewsadminSeptember 4, 2022 by newsadminSeptember 4, 20220406 अरे रामा छोड़िके हमरा कहाँ तुहु जइबा, बरसे आँख हमारी ये हरी। नेहिया के मातल तोहार परान पियारी, तोहरे बिना पिया दिन कइसे गुजरी,...
मनोरंजनगणपति प्रभाती- कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminSeptember 3, 2022 by newsadminSeptember 3, 20220332 श्री गणेश मंगल करें, हरें सभी संताप। भक्तजनों को सताते, नहीं कभी भवताप।। आते हैं हर साल वह, हो उत्सव की धूम। मंगलमय सुर-ताल से,...
मनोरंजनप्रेम – किरण मिश्राnewsadminSeptember 3, 2022 by newsadminSeptember 3, 20220347 शब्दों की चुप्पियाँ भीतरघात कर रही हैं और तुम अभिमानी पुरुषत्व के सघन वृझ सदृश हरहरा रहे हो , शीतल हवा का स्पर्श तुम्हें...
मनोरंजनअभी बचपन है इनका – गुरुदीन वर्माnewsadminSeptember 3, 2022 by newsadminSeptember 3, 20220368 अभी बचपन है इनका। नहीं बनाओ मजदूर इनको।। उम्र पढ़ने की है इनकी। अभी पढ़ने दो इनको।। अभी बचपन है—————–।। हाथ कोमल है इनके। मासूम...
मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminSeptember 2, 2022 by newsadminSeptember 2, 20220387 सर जहां पर था हमारा पैर कर आए हैं हम । मुल्क बटवारे में अपने गैर कर आए हैं हम । आब झेलम और...
मनोरंजनपूणि॔का जय हिंदी – डॉ.सलपनाथ यादवnewsadminSeptember 2, 2022 by newsadminSeptember 2, 20220304 हिन्दी भाषा बडी़ महान| कहता सारा हिन्दुस्तान|| सुन लो देश चलाने वालो| खोल के अपने-अपने कान|| हिन्दी खुद कर रही पुकार| दो मुझको ...
मनोरंजनदोहे – नीलू मेहराnewsadminSeptember 2, 2022 by newsadminSeptember 2, 20220405 1 आई तिथि शुभ चौथ की, गणपति आये द्वार। दिव्य रूप सुन्दर सजे, गल पुष्पों के हार।। 2 ऋद्धि-सिद्धि दाता तुम्हीं, हे गणपति गणराज। प्रथम...