मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminSeptember 8, 2022 by newsadminSeptember 8, 20220322 सभ्यता लौटी नहीं अब तक फिरंगी झील से । मोर लड़ लड़ मर रहे हैं मांस खाती चील से । रोग कोरोना बड़ा या...
मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminSeptember 7, 2022 by newsadminSeptember 7, 20220358 ये राज आज उसने गुजरते हुए कहा । आती जवानी याद ये मरते हुए कहा । जन्नत जमीं पे आसमां प्रश्नों का जाल है...
मनोरंजनमेरी मातृभाषा हिन्दी है – गुरुदीन वर्माnewsadminSeptember 7, 2022 by newsadminSeptember 7, 20220353 मेरी मातृभाषा हिन्दी है, यही गीत सबको सुनाता हूँ। राष्ट्रभाषा हिन्दी है देश की,यही सबको मैं समझाता हूँ।। जय बोलो तुम हिन्दी की/गावो गाथा तुम...
मनोरंजनकलम मेरी – पूनम शर्माnewsadminSeptember 7, 2022 by newsadminSeptember 7, 20220349 कुछ मर्म लिखूं तो कलम मेरी, रो-रो कर अश्क बहाती है । दर्द जो देखे वो जग के तो , घुट कर ही रह जाती...
मनोरंजनमाचिस – प्रदीप सहारेnewsadminSeptember 6, 2022 by newsadminSeptember 6, 20220312 औंधी पड़ी , माचिस की डिबीया । सिसक रही थी । कर रही थी कुछ, खुद से बड़ बड़ । मैं थोड़ा रुका, लगी कुछ...
मनोरंजनहिन्दी भाषा का गौरव – हरप्रीत कौरnewsadminSeptember 6, 2022 by newsadminSeptember 6, 20220335 हिन्दी भाषा का गौरव बनाए रखना, देश के माथे की ये बिंदी सजाए रखना। यह है हिन्दोस्तानियों की राष्ट्र-भाषा, इसे राष्ट्र की भाषा बनाए...
मनोरंजनउम्मीद – दीपक राहीnewsadminSeptember 6, 2022 by newsadminSeptember 6, 20220315 क्या कहूं मैं उनसे, जो उम्मीद लगाए बैठे हैं, सब कुछ भुलाकर अपनी, जी जान लगाए बैठे हैं, क्या कहूं मैं उनसे, जो उम्मीद लगाए...
मनोरंजनआज भी याद है मुझे – विनोद निराशnewsadminSeptember 6, 2022 by newsadminSeptember 6, 20220411 आज भी याद है मुझे, वो चुड़ीदार धवल पायजामा, सुर्ख लम्बा कुर्ता, काँधों पर बिखरे खुले घने रेशमी केश, और वो पश्मीना शॉल। तुम...
मनोरंजनसत्य वचन – जया भराड़े बड़ोदकरnewsadminSeptember 5, 2022 by newsadminSeptember 5, 20220349 घर महल है पर अस्पताल घर हो गया। बहुत सारी सुंदर गाड़ियाँ भी है जीवन व्हील चेयर पे आ गया। भोजन छप्पन भोग...
मनोरंजनकुछ घाव पुराने लगते हैं – किरण मिश्राnewsadminSeptember 5, 2022 by newsadminSeptember 5, 20220344 टीस उठे जब अन्तस में, अपने बेगाने लगते हैं। मुस्कानों का मरहम कम, कुछ घाव पुराने लगते हैं। आँखें डब डब करती हैं, रोती है...