मनोरंजननहीं सुरक्षित बेटियां आज – ममता जोशीnewsadminOctober 18, 2022 by newsadminOctober 18, 20220571 देवों की इस देवभूमि में, नहीं सुरक्षित बेटी आज। हैवानों की हैवानियत को, देख के रो रहा हिंदुस्तान। पापा को था जिस पर नाज लड़की...
मनोरंजनगजल – प्रियदर्शिनी पुष्पाnewsadminOctober 17, 2022 by newsadminOctober 17, 20220347 एक अहसास अजनबी दिल में. फिर लगी प्रीत की झड़ी दिल में। यूँ बिखरती रही सभी यादें, टीस गहरी अभी सजी दिल में। ...
मनोरंजनभोजपुरी गजल – श्याम कुंवर भारतीnewsadminOctober 17, 2022 by newsadminOctober 17, 20220568 दिल के बदले यार ना मिलल । थक गईली फूल प्यार ना खीलल। मुस्कान पर तोहरे मर गइली हम। लूट गइली पर यार ना...
मनोरंजनशिक्षक – मधु शुक्ला,newsadminOctober 17, 2022 by newsadminOctober 17, 20220403 कभी शिक्षक पढ़ाई निज सदन में ही कराते थे, उन्हें था प्रेम आदर से नहीं धन वे कमाते थे। पिता सम ध्यान शिष्यों का...
मनोरंजनईश्वर की प्रार्थना – कालिका प्रसादnewsadminOctober 16, 2022 by newsadminOctober 16, 20220409 प्रार्थना भक्ति गीत है, अर्चन है, वन्दन है, हृदय की पुकार है, ईश्वर का गुणगान करना है। अपार आनंद का मार्ग है, सबकी की...
मनोरंजनबेकसी के रंग में – अनिरुद्ध कुमारnewsadminOctober 16, 2022 by newsadminOctober 16, 20220390 जिंदगी भी हार बैठी, जिंदगी के जंगमें। कौन पूछे हो रहा क्या, आदमी के संगमें। देख आया दौर कैसा, फायदा हीं कायदा तौर दुनिया...
मनोरंजनकरवाचौथ(अखंड सौभाग्य) – ममता जोशीnewsadminOctober 15, 2022 by newsadminOctober 15, 20220419 गगन में रूप चांद सा चमके, फैले चांदनी सी छटा धरती पर, मांग में सिंदूर सदा ही दमके । पूजे तुम्हें ये संसार सारा ,...
मनोरंजनचाँद सा रूप तेरा – अनुराधा पांडेयnewsadminOctober 15, 2022 by newsadminOctober 15, 20220418 आज दर्पण निहारूं तभी वल्लभम् ! चाँद सा रूप तेरा प्रकट हो प्रथम…… संग हो चिर अटल मैं बनी पिय व्रती । सब निभाती वचन...
मनोरंजनगीत – जसवीर सिंह हलधरnewsadminOctober 15, 2022 by newsadminOctober 15, 20220725 मैं तो नहीं हिला पाया , कविता दीवार हिलाएगी । मैं तो नहीं दिला पाया ,कविता अधिकार दिलाएगी ।। बटवारे की उस आंधी में...
मनोरंजनकरवाचौथ – मुकेश कुमारnewsadminOctober 15, 2022 by newsadminOctober 15, 20220375 करवा चौथ के व्रत को, आतुर हुई मैं नारी, हृदय में शुभ पुष्पों की, खींची मैंने क्यारी। भोजन पानी से रहित, रखी अपनी काया,...