मनोरंजनतुम्हारे सिवा – गुरुदीन वर्माnewsadminNovember 21, 2022 by newsadminNovember 21, 20220370 तुम्हारे सिवा भी बहुत है, देने को यहाँ साथ हमारा। एक तेरा ही नहीं है यहाँ, दुनिया में हमको सहारा।। तेरे सिवा भी बहुत है——————।।...
मनोरंजनमातृशक्ति – अनुराधा सिंहnewsadminNovember 21, 2022 by newsadminNovember 21, 20220692 माँ तू तो परमात्मा की, स्वयं एक गवाही है, मूक भाषा भी जो समझें जीवन की वो हमराही है। आंचल तेरा सुरक्षा कवच, स्पर्श लगे...
मनोरंजनबढ़ाना किराया – अनिरुद्ध कुमारnewsadminNovember 20, 2022 by newsadminNovember 20, 20220355 बहुत हो गया अब दिये जा किराया, यही अब गुजारिश करो ना बकाया। बहुत हो गया रोज का यह तमाशा, बता कब मजूरी पुराना...
मनोरंजनकविता (कश्मीर कलह) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminNovember 19, 2022 by newsadminNovember 19, 20220411 आतंकी कीड़ा लगता मानस से बहुत बड़ा था । केसर की घाटी में तब कश्यप कुल दुखी खड़ा था । चाँद लिए फिरता था अर्थी...
मनोरंजनउजयाड़ (गढ़वळी कहानी) – हरीश कण्डवालnewsadminNovember 19, 2022 by newsadminNovember 19, 20220659 Neerajtimes.com – “आ ले बौड़ जा म्यार ज्वाधा”, शाबाश, कख जे जाणा कळं मा, ले व्हॉ सींधा चल, डामर पड़ल तेरी गेरी मा, है नरभगी,...
मनोरंजनदरमियां अपने – राधा शैलेन्द्रnewsadminNovember 18, 2022November 19, 2022 by newsadminNovember 18, 2022November 19, 20220779 साँसों पर पहरा कैसा खुद की चाहत से गिला कैसा कट ही तो रही है जिंदगी रफ्ता-रफ्ता उसके मिजाज से पर्दा कैसा! बावस्ता जारी है...
मनोरंजननैन में पुतरी सदृश तुम – अनुराधा पाण्डेयnewsadminNovember 17, 2022 by newsadminNovember 17, 20220767 प्रेम तुझसे हो गया है, बस यही है दोष मेरा । मैं जगत की भाँति निर्मम, यदि महज व्यापार करती। तो कदाचित ही कभी...
मनोरंजनगजल— मधु शुक्लाnewsadminNovember 17, 2022 by newsadminNovember 17, 20220392 आज बढ़तीं ख्वाहिशें दुश्मन बनीं ईमान कीं, मृत सभी संवेदनाएं हो गईं इंसान कीं। जब कमाई थी नहीं ज्यादा सुखी तब लोग थे, थीं...
मनोरंजनजल प्रदूषण (मुक्तक) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminNovember 16, 2022 by newsadminNovember 16, 20220808 जहां सख्त शासन होता है, वहीं प्रगति कुछ दिखती है। कार्ययोजना लागू होकर, वहीं सिरे से चढ़ती है। भागीदारी जब तक सब की, अगर नहीं...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminNovember 16, 2022 by newsadminNovember 16, 20220720 तुम क्या जानो कैसे जीते हैं , जहरे-वफ़ा दिन रात पीते हैं। ताउम्र रहे वो साथ-साथ पर , आज दोनों हाथ मेरे रीते है।...