मनोरंजनबेटी तो, ऐसी ही होती है – गुरुदीन वर्मा .newsadminSeptember 27, 2022 by newsadminSeptember 27, 20220376 बेटी तो, ऐसी ही होती है। शान घर की, बेटी ही होती है।। कम नहीं है बेटी , बेटों से। इज्ज़त घर की , बेटी...
मनोरंजनप्रभाती मुक्तक: – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminSeptember 26, 2022 by newsadminSeptember 26, 20220368 “जीवन दर्शन” जीवन का पहिया चलता नित, थकता कभी न रुकता है। अपनी गति से बढ़ता जाता, कभी नहीं यह थकता है। समय चक्र को...
मनोरंजनगज़ल – झरना माथुरnewsadminSeptember 26, 2022 by newsadminSeptember 26, 20220336 उन पलो का हिसाब दे दो तुम, उस वफ़ा का जवाब दे दो तुम। साथ तुम जो न दे सके मेरा, अब सजा लाजवाब...
मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminSeptember 25, 2022 by newsadminSeptember 25, 20220335 आकाश झिलमिला गई ये रेत की नदी । माहौल खिलखिला गई ये रेत की नदी । फौलाद को गला दिया ठंडे कढ़ाव में, कर...
मनोरंजनगजल – ऋतु गुलाटीnewsadminSeptember 25, 2022 by newsadminSeptember 25, 20220376 तुम्हारा जो सहारा मिल गया है। विरह से दिल हमारा भी जला है मिली है जिंदगी भी मुश्किलों से। अरे यारो,सुनो क्या माजरा है।...
मनोरंजनहाथ थामो मगर – भूपेन्द्र राघवnewsadminSeptember 25, 2022 by newsadminSeptember 25, 20220350 हाथ थामो मगर उससे पहले सनम…. छोड़ देना वो सपने, रुपहले सनम… राह काँटों की मेरे मुकद्दर लिखी जिंदगी हर कदम बद से बद्तर लिखी...
मनोरंजनकॉमेडियन राजू भैया – डा० नीलिमा मिश्राnewsadminSeptember 25, 2022 by newsadminSeptember 25, 20220319 राजू भैया की कॉमेडी,याद करें हम नमन करें। शब्दों की माला अर्पित हो,भाव सुमन का चयन करें ।। तीर चलाते थे व्यंग्यों के, अनुपम...
मनोरंजनउल्लाला छंद – मधु शुक्लाnewsadminSeptember 24, 2022 by newsadminSeptember 24, 20220364 रैन दिवस लेखन चले, वृक्ष भावना का फले। स्वाभिमान निखरे अगर, हिंदी का दीपक जले। आशाओं की चाँदनी, माँगा करती हौंसले। हारे...
मनोरंजनहिन्दी भाषा की गौरव गाथा है – कालिका प्रसादnewsadminSeptember 24, 2022 by newsadminSeptember 24, 20220353 हिन्दी धवल हिमालय जैसी, हिन्दी गंगा जल की सागर । हिन्दी है कलरव पक्षी की, हिन्दी है सौभाग्य की बिन्दी। हिन्दी अपनी संस्कृति में लिपटी,...
मनोरंजनहिंदी दिवस – ममता सिंहnewsadminSeptember 24, 2022 by newsadminSeptember 24, 20220358 चौदह सिसंबर को हिंदी दिवस अवश्य मनाएं, एक एक शुभकांमना को दो दो बार दोहराएं, साल भर में मिले इस मौके को न गवाएं। ...