मनोरंजनग़ज़ल – प्रॉ.विनीत मोहन औदिच्यnewsadminNovember 26, 2022 by newsadminNovember 26, 20220659 जो न बुझती कभी वो प्यास हूँ मैं, तेरे दिल का नया आवास हूँ मैं। मेरी आवारगी से अब है निस्बत, लोग समझें कि...
मनोरंजनतेरा प्यार पावन – अनुराधा पाण्डेयnewsadminNovember 26, 2022 by newsadminNovember 26, 20220664 एक तेरा प्यार पावन , शेष सब कुछ है अपावन । मैल धोना नित्य पड़ता, देह मृण्मय है अभागी । एक क्षण वैराग्य देती,...
मनोरंजनगजल – ऋतु गुलाटीnewsadminNovember 25, 2022 by newsadminNovember 25, 20220700 प्यार में आज उनको नशा हो गया। यार मेरा न जाने खफा हो गया। क्या शिकायत करे आज तुमसे अरे? इस शिकायत मे अब...
मनोरंजनअवसर को पहचान (हास्य-व्यंग) – अनिरुद्ध कुमारnewsadminNovember 24, 2022 by newsadminNovember 24, 20220369 भेदभाव संजीवनी, जातपात खलिहान। सामाजिक खेती यही, सेवा में सुखशान।१। धनबल बाहुबल सदा, लोकतंत्र की जान। जोड़तोड़ काबिज रहो, चूको जन चौहान।२। नफरत...
मनोरंजनगज़ल – झरना माथुरnewsadminNovember 24, 2022 by newsadminNovember 24, 20220667 दूर हो तुम कुछ कमी सी क्यूँ लगे, आँख मे भी ये नमी सी क्यूँ लगे। क्यूँ अधूरी सी लगे यह जिंदगी, बिन तेरे...
मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminNovember 24, 2022 by newsadminNovember 24, 20220645 कुछ देश के कानून में तरदीद की गई, थोड़ी सही पर अम्न की उम्मीद की गई । पहले तो बोलने की इजाज़त न थी...
मनोरंजनसंस्कार – मधु शुक्लाnewsadminNovember 23, 2022 by newsadminNovember 23, 20220391 बिना संस्कार जीवन में प्रगति कोई नहीं करता , रहे यदि पास नैतिकता नहीं पथ मनु भटक सकता। सभी माता पिता संस्कार बच्चों को...
मनोरंजनअप्सरा (सॉनेट) – प्रॉ.विनीत मोहन औदिच्यnewsadminNovember 23, 2022 by newsadminNovember 23, 202201042 तुम्हे देखा,पर न जानूँ, तुम अप्सरा हो कौन, गीत हो तुम, काव्य सुन्दर, हो मुखर या मौन, तुम सितारों से हो उतरी, गति परी समान...
मनोरंजनग़ज़ल – ऋतु गुलाटीnewsadminNovember 22, 2022 by newsadminNovember 22, 20220808 यूँ आप आए दिल मे प्यार मेरा जगाए। अब जिंदगी में हम भी यारी अजी निभाए। बच्चो को साथ रखना गुलशन है आजकल के।...
मनोरंजनध्वनि प्रदूषण ( मुक्तक) — कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminNovember 22, 2022 by newsadminNovember 22, 20220367 औद्योगिक गलियारों में भी, कमी नहीं है शोर की। जहाँ कहीं उत्पादन होता, ध्वनि उठती है जोर की। तरह-तरह की आवाजें मिल, मन में कोलाहल...