Category : मनोरंजन

मनोरंजन

अवसर को पहचान (हास्य-व्यंग) – अनिरुद्ध कुमार

newsadmin
भेदभाव संजीवनी, जातपात खलिहान। सामाजिक खेती यही, सेवा में सुखशान।१।   धनबल बाहुबल सदा, लोकतंत्र की जान। जोड़तोड़ काबिज रहो, चूको जन चौहान।२।   नफरत...
मनोरंजन

ध्वनि प्रदूषण ( मुक्तक) — कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

newsadmin
 औद्योगिक गलियारों में भी, कमी नहीं है शोर की। जहाँ कहीं उत्पादन होता, ध्वनि उठती है जोर की। तरह-तरह की आवाजें मिल, मन में कोलाहल...