मनोरंजनक्या होता है पिता – गुरुदीन वर्माnewsadminSeptember 23, 2022 by newsadminSeptember 23, 20220346 क्या होता है पिता, यह अहसास होता है तब। बनता है जब कोई पिता, अनाथ कोई होता है जब ।। क्या होता है पिता——————।। रहकर...
मनोरंजनये लो माटी तिलक करो – अनुराधा प्रियदर्शिनीnewsadminSeptember 23, 2022 by newsadminSeptember 23, 20220321 आओ बच्चों तुमको दिखलाऊं झलक अपने भारत देश की, ये लो माटी तिलक करो यह माटी है अपने भारत देश की। , ये लो माटी...
मनोरंजनगीत – जसवीर सिंह हलधरnewsadminSeptember 23, 2022 by newsadminSeptember 23, 20220359 मन में रावण बैठा है यदि, बोलो कैसे राम मिलेगा । साधन ही दूषित होंगे तो, दूषित ही परिणाम मिलेगा ।। साधन ही आधार...
मनोरंजनकिंतु-परंतु – प्रदीप सहारेnewsadminSeptember 22, 2022 by newsadminSeptember 22, 20220292 आज थोड़ा लंगडाते, हमारा परममित्र, नाम उसका रामभाया। हमारे घर आया । मैंने, मज़ाक में पूछा, क्या हुआ भाया ? क्या ? घर में हुआ...
मनोरंजनघायल मन – राधा शैलेन्द्रnewsadminSeptember 22, 2022 by newsadminSeptember 22, 20220365 मेरा घायल मन मुझसे ही, अनगिनत सवाल करता है, मेरा मन क्यों मुझसे, अनसुलझे से सवाल करता है? मेरा मन पूछता हैं, हमें हर जज्बे...
मनोरंजनहिन्दी – समीर सिंह राठौड़newsadminSeptember 22, 2022 by newsadminSeptember 22, 20220323 हिन्दी से पहचान हिन्द की, माँ भारती की है धड़कन। प्रेम की भाषा,शान देश की, सुरम्य,सुरभित और पावन।। मधुर-माधुरी शहद समान, उत्कृट,सारगर्भित है पहचान।...
मनोरंजनसंभाल लेना – राजीव डोगराnewsadminSeptember 21, 2022 by newsadminSeptember 21, 20220362 मैं पंथ से विपंथ न हो जाऊं, मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर। मैं भक्त से अभक्त न बन जाऊं, मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर। ...
मनोरंजनमैं कहूंगा – दीपक राहीnewsadminSeptember 21, 2022 by newsadminSeptember 21, 20220356 आओ सब एक हो चले, अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ चले, फिर कोई आएगा, आपके इरादों को, कुचल कर चला जाएगा, मैं फिर भी...
मनोरंजनप्रभाती मुक्तक – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminSeptember 20, 2022 by newsadminSeptember 20, 20220410 :”जीने की कला” – चार पल जी लें खुशी से गम भुलाने के लिये। हो दवा सँग एक घावों पर लगाने के लिये। आपसी संवाद...
मनोरंजनभौतिक श्रृंगार – भूपेन्द्र राघवnewsadminSeptember 20, 2022 by newsadminSeptember 20, 20220326 नैसर्गिग इस सुदरता ने उन भौतिक श्रृंगारों को,, कुमकुम काजल रंजनश्लाका रोली को मसकारों को, प्रकट होकर दिव्यरूप में, हाँ औकात बता डाली, श्रृंगारो तुम...