मनोरंजनवो लौट के घर न आया – ज्योती वर्णवालnewsadminJanuary 4, 2026January 4, 2026 by newsadminJanuary 4, 2026January 4, 20260210 दहलीज पे बैठी पत्नी आज भी राह निहारती है, सिंदूर की लंबी उम्र की, वो मन्नतें उतारती है। बच्चों ने पूछा, “माँ! पापा कब आएंगे...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminJanuary 3, 2026January 3, 2026 by newsadminJanuary 3, 2026January 3, 20260208 सोच मेरी को गले अपने लगाया आपने। जिंंदगी कैसे जिये,हम,ये बताया आपने। मार डालेगी हमें तेरी उदासी एक दिन। राज़ अपना क्यो भला हमसे...
मनोरंजनग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJanuary 3, 2026 by newsadminJanuary 3, 20260230 नफरतों के रंग की पिचकारियों का दौर है । मज़हबी उन्माद की किलकारियों का दौर है । बोतलों में नीर बिकता अब हमारे देश में...
मनोरंजनगीत – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminJanuary 2, 2026 by newsadminJanuary 2, 20260213 प्रतिभावान एक जननायक, याद अटल जी को कर लेना। पल दो पल उनकी यादों का, पानी आँखों में भर लेना। वक्ता प्रखर हृदय कोमल था,...
मनोरंजनसुख का मूलमंत्र है सबके साथ मिलकर सुखी होना – अंजनी सक्सेनाnewsadminJanuary 2, 2026 by newsadminJanuary 2, 20260229 neerajtimes.com – जीवन में हर व्यक्ति सुख चाहता है। हां, सुख के पैमाने सबके अलग हो सकते हैं। किसी को अमीरी सुख का पर्याय नजर...
मनोरंजनटीस – सविता सिंहnewsadminJanuary 1, 2026 by newsadminJanuary 1, 20260216 neerajtimes.com – क्या हुआ मानसी? सब अंदर है और तुम घर के पीछे क्यों खड़ी हो? इतना कहना था कि वह फूट-फूट कर रो पड़ी।...
मनोरंजनडिजिटल खेल – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminDecember 31, 2025December 31, 2025 by newsadminDecember 31, 2025December 31, 20250175 कंप्यूटर पर खेलते हम, दोस्तों संग होते हम झूम। स्क्रीन के आगे नाचते-गाते, नई दुनिया में खो जाते। पर कभी-कभी चलो बाहर, खेलें गेंद,...
मनोरंजनभारत के रणबाँकुरे – रोहित आनंदnewsadminDecember 30, 2025December 30, 2025 by newsadminDecember 30, 2025December 30, 20250202 हे भारत के रणबाँकुरे, माटी तुम पर इतराए रे। सीमा पर जब तुम डट जाओ, दुश्मन थर-थर काँपे रे॥ माँ के आँचल की सौगंध लिए,...
मनोरंजनजोगी – अनुराधा पाण्डेय newsadminDecember 29, 2025December 29, 2025 by newsadminDecember 29, 2025December 29, 20250348 १* हृदय तार वो झंकृत करता। मिलने को उर सदा तरसता। नैनों से फेंके शर सायक क्या वह साजन? . . धत री! नायक।। २*...
मनोरंजनग़ज़ल – ग़ज़लnewsadminDecember 28, 2025 by newsadminDecember 28, 20250236 अलविदा कैसे कह दूँ जाने के लिए, बहुत कुछ खोया तुझे पाने के लिए। मेरे लिए तो मुझसे बढ़कर है आप, गैर होंगे तो...