मनोरंजनकिताब के पन्ने – भूपेश प्रताप सिंहnewsadminNovember 30, 2025 by newsadminNovember 30, 20250100 एक दूसरे से सटे अलग-अलग विचारों में बँटे बिना किसी संकोच के अमूर्त रूप में बतियाते रहते हैं किताब के पन्ने l एक ही...
मनोरंजनआसियाना हमारा – अनिरुद्ध कुमारnewsadminNovember 29, 2025 by newsadminNovember 29, 2025098 खुदी का जहाँ को इशारा यही है, रहो प्यार से मिल किनारा यही है। जमीं आसमां के तलें हो बसेरा, सदा दिल लगाओ पसारा...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminNovember 29, 2025 by newsadminNovember 29, 20250197 यार मेरा तू ही मेरी जान है। मुझको भाती अब तेरी मुस्कान है। अब सजी महफिल हमारी शान है। हाथ खाली क्यो नही सामान...
मनोरंजनभोजपुरी गजल – श्याम कुंवर भारतीnewsadminNovember 28, 2025 by newsadminNovember 28, 20250177 बिहार उहे बाकी लोग उहे मंत्री औरी उहे सरकार का भइल। मुखिया नीतीश उप मुख्य मंत्री उहे चुनाव के दरकार का भइल। दस बार...
मनोरंजनअधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ताnewsadminNovember 27, 2025 by newsadminNovember 27, 20250178 अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान...
मनोरंजनबना क्यों रहे हो बेवकूफ तुम – गुरुदीन वर्माnewsadminNovember 26, 2025 by newsadminNovember 26, 20250172 मालूम है सब कुछ हमको, बना रहे हो बेवकूफ तुम। हमसे हकीकत छुपाओ नहीं, दिल की बता दो बात तुम।। मालूम है सब कुछ हमको——————।।...
मनोरंजनतेग बहादुर – सुनील गुप्ताnewsadminNovember 25, 2025 by newsadminNovember 25, 20250151 अदम्य वीर थे तेग बहादुर, राष्ट्र रक्षक !!1!! सत्य समता वैर-भाव से मुक्त, गुरु शिक्षक !!2!! मानवधर्म राष्ट्र की रक्षा हेतु, बनें प्रेरक...
मनोरंजनसमर्पण की सादगी – प्रियंका सौरभnewsadminNovember 25, 2025 by newsadminNovember 25, 20250170 500 की शर्ट में, संजीदा मुस्कान, 5000 की साड़ी से बुनता सम्मान। हाथों में उसके, बिन शब्दों की बातें, हर तह में छुपा, प्रेम का...
मनोरंजनग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminNovember 24, 2025 by newsadminNovember 24, 20250182 गुरु नानक उच्च विचारों का क्या मोल चुकायेगी दिल्ली । गुरु अंगद के उदगारों का क्या मोल चुकायेगी दिल्ली ।। गुरु तेग लहू की धारों...
मनोरंजनछंद – मणि अग्रवालnewsadminNovember 24, 2025 by newsadminNovember 24, 20250183 खोज रही अति व्याकुल हो अपने प्रिय माधव को ब्रजरानी । श्याम सिवा कुछ याद नहीं सगरे जग से सुधि है अनजानी। बोल रहा दृग...