मनोरंजनजिंदगी – रेखा मित्तलnewsadminNovember 23, 2025 by newsadminNovember 23, 20250149 रूठे हुए पुरुष दौड़ाते हैं गाड़ियाँ खुद को शांत करने की करते नाकाम कोशिशें जबकि रूठी हुई स्त्रियाँ दौड़ती है रसोई घर की ओर कर...
मनोरंजनरोबोट दोस्त – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminNovember 23, 2025 by newsadminNovember 23, 20250164 मेरे घर आया रोबोट नया, सहारा बन गया मेरा सहारा। खेल-कूद में करता मदद, संग-संग करता बातों का खेल। कंप्यूटर से जुड़ा है वह,...
मनोरंजनमेरा हरसिंगार मेरा श्रृंगार – सविता सिंहnewsadminNovember 23, 2025 by newsadminNovember 23, 20250150 neerajtimes.com – ना जाने मेरे हृदय में क्या होता है, मैं खिंची चली जाती हूँ,जहाँ भी मेरे प्रिय फुल हरसिंगार की खुशबू आती है। एक...
मनोरंजनसम्यक भाव रखें – सुनील गुप्ताnewsadminNovember 22, 2025 by newsadminNovember 22, 20250158 सम्यक भाव हो सम्यक दर्शन…, जानें स्वभाव !!1!! ‘प्र’ भाव से ‘स्व’ है सतत यात्रा ही…., विशुद्ध भाव !!2!! सम मानते जय पराजय...
मनोरंजनभोजपुरी गजल- श्याम कुंवर भारतीnewsadminNovember 22, 2025 by newsadminNovember 22, 20250201 जब चाही तब याद करी तोहके ई हक़ होला हमार। केहू औरी बसल बा दिल में ई शक होला तोहार। तोहरे नाम से ख्वाब...
मनोरंजनवक्त – राजेश कुमारnewsadminNovember 20, 2025 by newsadminNovember 20, 20250246 *वक्त का पहिया है जो रुकता ही नहीं! वक्त एक पल के लिए ठहरता ही नहीं!! ये रेत के जैसे है जो हाथों में संभालता...
मनोरंजनगीत (वार्णिक छंद) – निशा अतुल्यnewsadminNovember 20, 2025 by newsadminNovember 20, 20250178 बस आप ही प्रिय हो बसे हर श्वास में। मन प्रेम चाहत ले उड़ा बस आस में।। बसती बसा कर प्रेम की तुम हो...
मनोरंजनगीत – जसवीर सिंह हलधरnewsadminNovember 19, 2025 by newsadminNovember 19, 20250208 ऊंची ऊंची बात बनाना , सीख न पाया मैं तो यारो । सत्ता का चारण हो जाना ,सीख न पाया मैं तो यारो ।। ...
मनोरंजनअनकही परछाइयाँ – प्रियंका सौरभnewsadminNovember 18, 2025 by newsadminNovember 18, 20250145 वो जो साड़ी के किनारे में, सिहरती हैं चुप्पी की नर्म लहरें, वो जो पायलों में खनकती हैं, अधूरे स्वप्नों की डरी हुई दस्तकें, उन्हें...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminNovember 18, 2025 by newsadminNovember 18, 20250176 मिलेगा तू मुझे इक दिन,रही मन मे है इक आशा। कहाँ तू जान पाया है, मेरे दिल की मधुर भाषा। मुझे अब दर्द देता...