मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminOctober 12, 2025 by newsadminOctober 12, 20250109 मुहब्बत मे मेरा सब तेरा हुआ है। लगे आज दिल पर ज़फ़ा सा हुआ है। युवा आज सबका सताया हुआ है। नही काम...
मनोरंजनयौवन मारेला किलकारी – अनिरुद्ध कुमारnewsadminOctober 12, 2025 by newsadminOctober 12, 20250226 सुरभित तनमन मटकी मारे, रास रंग लागे गुनकारी। पुरुआ रह-रह के झकझोरे, यौवन मारेला किलकारी।। सतरंगी हर कोना कोना, ऋतुराजा के बा तइयारी। हरियाली...
मनोरंजनबात यह है अब यहाँ – गुरुदीन वर्माnewsadminOctober 11, 2025 by newsadminOctober 11, 20250122 बात यह है अब यहाँ, अच्छा नहीं मेरा ठहरना। समझ लिया मैंने सभी को, कोई नहीं मेरा अपना।। बात यह है अब यहाँ————————-।। लुटाये...
मनोरंजनयमराज और यमराज मित्र – कुलदीप सिंह रुहेलाnewsadminOctober 11, 2025 by newsadminOctober 11, 20250135 एक ऐसा कवि, जिसके शब्दों में झिलमिलाती है रौशनी जिनकी कविता बनती है अंधियारे में चमकती कलम की संजीवनी उसने यमराज से की दोस्ती,...
मनोरंजनगिनती की बात – प्रियंका सौरभnewsadminOctober 10, 2025 by newsadminOctober 10, 2025079 जो गिने गए, वे कुछ थे, जो न गिने गए, वे सब थे। गिनती से बाहर जो छूट गए, उनका दर्द, उनकी भूख अब...
मनोरंजनकरवा चौथ – अशोक यादवnewsadminOctober 9, 2025 by newsadminOctober 9, 20250134 सात फेरों के सातों वचन निभाऊँगी। माथे पर तेरे नाम की सिंदूर लगाऊँगी।। पति तुम मेरे लिए देवता, परमेश्वर हो, हाथों पर तेरे नाम की...
मनोरंजनगीत- जसवीर सिंह हलधरnewsadminOctober 9, 2025 by newsadminOctober 9, 20250137 मूरत को छप्पन भोग लगें, दिखता भूखा इंसान नहीं । पत्थर को माखन खिला रहे, मजदूरों का सम्मान नहीं ।। नहलाते दिन में...
मनोरंजनचाँद को क्या मालूम – सविता सिंहnewsadminOctober 9, 2025 by newsadminOctober 9, 20250127 एक ढलती शाम, आईना को किया साफ, उसने कहा देर से ही सही, आ गई पास। आई हो अब, जब घिर आई है यामिनी...
मनोरंजनरिश्तों की अहमियत – श्याम कुंवर भारतीnewsadminOctober 8, 2025 by newsadminOctober 8, 20250150 आदमी को धन और पैसा कमाना जितना मुश्किल है। सच है आदमी को आदमी कमाना उतना ही मुश्किल है। गंवाना है पैसा जितना...
मनोरंजनचुप्पी – रुचि मित्तलnewsadminOctober 8, 2025 by newsadminOctober 8, 20250138 चुप्पी की भी एक जुबां होती है, हर बात बिना कहे बयां होती है। लब ख़ामोश हों तो क्या गम है, आँखों से भी...