मनोरंजन

बात यह है अब यहाँ – गुरुदीन वर्मा

बात यह है अब यहाँ, अच्छा नहीं मेरा ठहरना।

समझ लिया मैंने सभी को, कोई नहीं मेरा अपना।।

बात यह है अब यहाँ————————-।।

 

लुटाये दौलत यहाँ तो, दोस्त बन जाते हैं हजारों।

पूछा नहीं हाल मेरा, मुफलिसी में देख मेरा रहना।।

बात यह है अब यहाँ————————-।।

 

कहा अपनों ने अपना मुझे, उनकी तारीफ जब तक की।

छोड़ा अकेला अब उन्होंने, देखकर दर्द मेरा सपना।।

बात यह है अब यहाँ————————-।।

 

मुजरिम करार हुआ हूँ , बिना अदालत और गवाह के।

मुझको नहीं तलाशना है अब, कोई गवाह मेरा अपना।।

बात यह है अब यहाँ————————-।।

 

करने को है खूं वो मेरा, जिनको दिया है खूं मैंने।

अब सच करना है मुझको, ख्वाब सिर्फ मेरा अपना।।

बात यह है अब यहाँ————————-।।

– गुरुदीन वर्मा.आज़ाद

तहसील एवं जिला-बारां (राजस्थान)

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