उत्तर प्रदेश

यूपीआई पर चार्ज लगाने के प्रस्ताव का व्यापारियों ने किया विरोध

neerajtimes.com देवबंद — यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन पर 15 अक्टूबर से चार्ज लगाए जाने की चर्चा को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। किरियाना एसोसिएशन और उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई के माध्यम से भुगतान आज व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इस पर अतिरिक्त चार्ज लगाने से व्यापारियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं और रोजमर्रा के लेनदेन में भी अनावश्यक जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
किरियाना एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने एक भेंटवार्ता में कहा कि यूपीआई लेनदेन पर चार्ज लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में उनके संगठन की ओर से उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राजेश गुप्ता ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से भुगतान करना व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए सुविधाजनक रहा है। यदि इस पर अतिरिक्त चार्ज लगाया जाता है, तो व्यापारियों के सामने नई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। इससे लेनदेन की प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ ही व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक और व्यवस्थागत बोझ पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारिक संगठनों की मांग पर ध्यान देते हुए ऐसे किसी भी निर्णय को वापस लेना चाहिए, जिससे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़े।
उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं देती है, तो प्रदेश स्तर पर संगठन की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसमें किरियाना एसोसिएशन पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन अपनी आवाज उठाता रहेगा।
वहीं, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) के नगर अध्यक्ष दीपक गर्ग ने भी यूपीआई लेनदेन पर चार्ज लगाए जाने के प्रस्ताव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो इससे व्यापारियों की परेशानियां बढ़ेंगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए।
दीपक गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल भुगतान व्यापारिक लेनदेन का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर चार्ज लगाने से व्यापारियों के सामने नई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारिक संगठनों की बात सुननी चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे कारोबारियों को अतिरिक्त परेशानी हो।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी मांग पर विचार नहीं करती और संबंधित व्यवस्था को वापस नहीं लिया जाता, तो व्यापारी अपने हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
व्यापारिक संगठनों की प्रमुख मांग
दोनों व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार से यूपीआई लेनदेन पर चार्ज लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और व्यापारियों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सुविधाजनक बनाए रखने के साथ व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
रिपोर्टर — महताब आज़ाद

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