राष्ट्रीय

श्रावण माह में शिवार्चन (9) – (श्री वैद्यनाथ जी, झारखंड) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

वैद्यनाथ का धाम मनोहर, सब दर्शन को आते हैं।
सम्मुख नौवें ज्योतिर्लिंग के, मन से शीश नवाते हैं।
ले शिवलिंग चला जब रावण, बैजनाथ को सौंप दिया,
प्रभु लीला से रखा भूमि पर, वहीं अचल हो जाते हैं।

वैद्यनाथ के साथ बना है, शक्तिपीठ मां अंबे का।
सावन के मेले में लाते, कांवड़िए जल गंगे का।
दिव्य धाम इस जैसा कोई, भारत भर में और कहाँ?
शिव दर्शन के साथ करें सब, दर्शन माँ जगदंबे का।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
श्रावण माह में शिवार्चन (10) – (श्री त्रयंबकेश्वर जी, महाराष्ट्र)
प्रकट हुए धर रूप स्वयंभू, शिवा त्रयम्बक कहलाये,
ऋषि गौतम के तप करने पर, शिव त्रिदेव के सँग आये
माँ गंगा का रूप गौतमी, धारा बड़ी सुपावन है,
अद्भुत ज्योतिर्लिंग दरश कर, शीश स्वयं हर झुक जाये।

तीन पर्वतों के अंचल में, मंदिर दिव्य पुरातन है।
करवाने रुद्राभिषेक को, होता शिव आवाहन है।
दोष निवारण कालसर्प का, भक्त त्रयम्बक में आते,
मंत्र और पुष्पों के द्वारा, होता नित आराधन है।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

 

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