नायक दिलवा चुरवले बाड़ू ,अंखियां मिलवले बाड़ू ।
आके हमरे दिलवा में हल्ला मचवले बाड़ू ।
आजा गोरी तोहके बतिया दिलवा बताई,
करबु हमसे प्यार की देबू हमके भगाई।
नायिका_ पिया प्यार में हमके तू बड़ा तड़पावेला।
रतिया दिनवा तू याद बड़ा आवेला।
समझा मजबूरी गोरी आके तनी समझा जा।
प्यार बरसावा तनी घनघोर आवे तनी मजा
करा सराबोर तनी ताजा।
नायिका _ नजरिए में होला बड़ा बरखा सही ला बड़ा सजा ।
नायक _ पीरीतिया के रीत गोरी हम हरदम निभाईंब।
जाई चाहे जान सुना मोर जान हम ना भुलाईब।
नायिका _ दुनिया में तोहसे खाली हम दिलवा लगवली।
जिनगी के संगी पिया खाली तोहके हम बनवली।
नायक _ अखियां चोरवले बांडू ,मुंहवा लुकवले बाड़ू ।
जीयरा जरवले बाड़ू ,रूपवा ना दिखवले बाड़ू ।
दिलवा में का बा बोल के तनी हमके समझा जा।
गरवा लगा जा हमके आपन बना जा ।
नायिका _ बसी जा हमरे अंगवा में पोर पोर मोर राजा।
होखे ना केवनो ओर छोर ये राजा
नजरिए ने होला बड़ा बरखा सहिका बड़ा सजा ।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर ), बोकारो,झारखंड
मॉब.9955509286