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2010 से पूर्व नियुक्त नॉन-टीईटी शिक्षकों पर पूर्व प्रभाव से टीईटी लागू करना अन्यायपूर्ण : शैक्षिक महासंघ

neerajtimes.com  पटना, । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, बिहार ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को पूर्व प्रभाव से लागू किए जाने का विरोध किया है। महासंघ ने कहा है कि ऐसे शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।
महासंघ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिन्हा, प्रदेश सचिव अभय कुमार, प्रदेश महामंत्री ज्ञानेन्द्र नाथ सिंह एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र प्रमुख डॉ पंकज कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय तथा 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना से प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 18 जून को राज्य के सभी जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन को सौंपा जाएगा।
महासंघ का कहना है कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों एवं पात्रताओं के अनुरूप पूर्णतः वैध थीं। सेवा के अधिकांश वर्ष पूरे हो जाने के बाद नई पात्रता अथवा मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता एवं योगदान को उचित महत्व दिया जाना चाहिए।
महासंघ ने कहा कि लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता तथा शिक्षकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। संगठन ने केंद्र सरकार एवं संसद से आवश्यक विधायी अथवा नीतिगत हस्तक्षेप कर प्रभावित शिक्षकों को संरक्षण प्रदान करने की मांग की है।
महासंघ की प्रमुख मांगें हैं—
23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए।
ऐसे शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण दिया जाए।
आवश्यकता पड़ने पर संसद में विशेष विधायी प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए।
सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं असुरक्षा की स्थिति का तत्काल समाधान किया जाए।
महासंघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कांत सिंह और महामंत्री अरुण कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षक समुदाय के साथ न्याय सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण निर्णय लेगी।

रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

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