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बोल जयकार के – श्याम कुंवर भारती

 

बोल जयकार के जलवा चढ़ावा मोरे सइयां दिलवर जान।

शिव ओंकार में मनवा लगावा मोरे सइयां दिलवर जान।

 

डम डम डमरू बाजे बाबा भूत बेताल भय से कांपे।

पाप श्राप नाश हो जाए जब शिव मंत्र मन से जापें।

ढोल नगाड़ा बाजे संग शिव त्रिशूल के झंकार ।

बोल जयकार के जलवा………।

 

पी गइले बिष के प्याला बम भोला बाड़े जग में निराला।

गांजा भांग धतूरा जइसन बाड़े शिव भगत दुखवा के निवाला।

केतना करी बढ़ाई शिव के सइयां उन कर महिमा अपरम्पार।

बोल जयकार के जलवा………।

 

तीनों लोक स्वामी शिव जी बाड़े कालन के महाकाल।

देवतन के देव महादेव अजन्मा अविनाशी जाने त्रिकाल।

सृष्टि के संचालक विष्णु शिव करेले सृष्टि के संहार।

बोल जयकार के जलवा …….।

 

हऊवे औघड़दानी शिव महाज्ञानी संग गौरा रानी बिराजे।

गला में नाग अंग मृगछाल बसहा सवारी माथ में चंदा साजे।

भारती बलम भर जलवा चढ़ावा शिव करिहें अब उद्धार ।

बोल जयकार के जलवा चढ़ावा मोरे सईया दिलवर जान।

– श्याम कुंवर भारती (राजभर), बोकारो, झारखंड

 

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