मनोरंजन

सुंदर भारत देश – अनिरुद्ध कुमार

सुंदर भारत देश, जगत में प्यारा,

कहते हिंदुस्तान, नयन का तारा।

गर्वित सीना तान, लगत उजियारा,

होठों पे मुस्कान, मुखर जयकारा।

 

कर गंगा अस्नान, अमृत सम धारा,

पाये जग नव ज्ञान, मगन जग सारा।

दुनिया में जयगान, हरित धरती है

सबका हो कल्याण, मगन रहती है।

 

रक्षक हिमगिरि शान, मुखर ललकारे,

दुनिया दे सम्मान, पवन चितकारे।

नदियाँ सुखकी खान, फसल लहराये,

बंसी मारे तान, मगन चित गाये।

 

अनपढ़ पाये ज्ञान, सकल जग जाने,

भारत देश महान, हम सभी माने।

हर धर्मों का धाम, वतन यह न्यारा,

बोलो जय श्री राम, मुखर हो नारा।

– अनिरुद्ध कुमार सिंह, धनबाद, झारखंड

Related posts

गजल – मधु शुक्ला

newsadmin

मुक्तक सृजन – मधु शुक्ला

newsadmin

ईश्वर को स्मृति में रखने का सबसे कारगर साधन है- संगीत : कुमार संदीप

newsadmin

Leave a Comment