मनोरंजन

बेटियां – ज्योति अरुण

आस लगाए जाते हैं बेटों से,

पूरा करती हैं बेटियां।

 

प्यार करते हैं बेटों से पर,

सबकी प्यारी होती हैं बेटियां।

 

हर तरह से सुख सुविधा बेटे को दी जाती है,

अपने व्यवहार से राज भोगती हैं बेटियां।

 

हर तरह से पैसा लुटाया जाता है बेटों पर,

माता-पिता का नाम रोशन करती हैं बेटियां।

 

जब दुःख तकलीफ आता है तो,

पास आती है बेटियां।

 

मां का आंसू गिरता है उससे पहले,

पोछ देती है बेटियां।

 

उम्मीद बेटों पर लगाई जाती हैं पर,

आशाओं के किरण फैलाती हैं प्यारी बेटियां।

 

एक नया सृजन एक नई उम्मीद

एक नया विश्वास से परचम लहराती है बेटियां।

 

अपने आसपास नज़र उठा कर देखिए,

कितनी प्यारी होती हैं बेटियां।

– ज्योति अरुण श्रीवास्तव, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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