मनोरंजनसंघर्ष, चेतना और बदलाव की काव्य यात्रा हैं ” नया सवेरा ” – डॉ अमित कुमार बिजनौरीnewsadminDecember 11, 2025December 11, 2025 by newsadminDecember 11, 2025December 11, 20250168 neerajtimes.com – जालिम प्रसाद की पुस्तक “नया सवेरा” आधुनिक हिंदी कविता में संघर्ष, चेतना और सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरती है। यह...
मनोरंजनगीता जयंती – सुनील गुप्ताnewsadminDecember 10, 2025 by newsadminDecember 10, 20250121 ( 1 )” गी “, गीता सुगीता चलें गाए, आओ, गीता जयंती पर्व मनाएं ! है श्रीहरि मुखारबिंद से ये निसृत वाणी, आओ इसे पढ़ें...
मनोरंजनचाह – रेखा मित्तल newsadminDecember 9, 2025 by newsadminDecember 9, 20250142 नहीं चाह महलों और अट्टालिकाओं की न ही सजे हुए बेशकीमती झाड़फानूसों की केवल सुकून तुम्हारी बलिष्ठ भुजाओं का मुझे तो तुम्हारा साथ चाहिए था...
मनोरंजनप्रभाती वंदन – डॉ गीता पांडेयnewsadminDecember 8, 2025 by newsadminDecember 8, 20250139 गुरु गुरुवर यदि मान करोगे, जग जाएगा तेरा भाग। धर्म-कर्म नित करते रहना, लड़ो असत से मानव जाग। कर्म करो हे मानव जग में, कर्मों...
मनोरंजनउस जीवन का कोई मतलब नहीं – गुरुदीन वर्माnewsadminDecember 8, 2025 by newsadminDecember 8, 20250157 फ़क़त कैद है जो अपने ही स्वार्थ में, उस जीवन का कोई मतलब नहीं। जो चाहता है सिर्फ अपनी ही खुशी, उस आदमी की...
मनोरंजनमुझमे ही निहित हो प्रियवर – सविता सिंहnewsadminDecember 8, 2025 by newsadminDecember 8, 20250118 नीरव मन में उद्वेलित कुछ वह लम्हें, खुलने को आतुर अधखुली सी गिरहें, कुसुमित स्मित मृदु प्रणय के वह पल दृग पुलिनों में तैरती वो ...
मनोरंजनगुरु वंदन (अगुतंक कविता) – डॉ अमित कुमारnewsadminDecember 6, 2025December 7, 2025 by newsadminDecember 6, 2025December 7, 20250119 माँ — जिसने प्रथम शब्द सिखाया, जिसकी लोरी में जीवन का पहला संगीत बसा। उसकी ममता ही मेरे व्यक्तित्व की जड़ें बनी, उसका आशीष ही...
मनोरंजनभोजपुरी कन्यादान विवाह गीत – श्याम कुंवर भारतीnewsadminDecember 6, 2025December 6, 2025 by newsadminDecember 6, 2025December 6, 20250118 हरियर बंसवा के बाबा हो मड़वा छवाई दिहला। केवन कसूर बेटी के पराई कईला बाबा हो काहे कन्यादान कइला ना। छूटी जइहे सब सखियां सहेलियां...
मनोरंजनकविता – जसवीर सिंह हलधरnewsadminDecember 5, 2025 by newsadminDecember 5, 20250183 ऑपरेशन क्यों रोक दिया था, बीच राह संहार से । लाल किले ने प्रश्न किया है , भारत की सरकार से ? पहलगांव की...
मनोरंजनमौन की पंखुड़ियाँ – प्रियंका सौरभnewsadminDecember 4, 2025 by newsadminDecember 4, 2025084 मैंने देखा है, उन पत्तों को, जो आंधी में कांपते हैं, जिनकी जड़ें मिट्टी में हैं, पर मन खुली हवा का सपना देखता है। ...