मनोरंजनश्रावण माह में शिवार्चन – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminJuly 13, 2025 by newsadminJuly 13, 20250235 हे शिवशंकर, हे डमरूधर, विनय हमारी सुनियेगा। जटाजूटधारी प्रलयंकर, जग को सुखमय करियेगा। हे नागेश्वर, विश्वनाथ हे, सबके मन में सदा बसें, महाकाल शरणागत...
मनोरंजनमहेश चन्द्र गुप्ता (मेरे पिता) – सुनील गुप्ताnewsadminJuly 12, 2025 by newsadminJuly 12, 20250244 ( 1 ) शिवसी छवि सदा पिता में देखी ., श्रीकृपा भयी !! ( 2 ) बनके ज्योति श्रीअमरनाथी जी.., प्रेम लौ लगी !! (...
मनोरंजन खेल की दुनिया – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminJuly 12, 2025 by newsadminJuly 12, 20250209 छुट्टी की घंटी बजी, खेलने चले सभी। दोस्ती की गली में, मस्ती के रंग छिपे। गोल-गोल गेंद फेंकें, हँसी से आँगन महके। छुपन-छुपाई...
मनोरंजनजिंदगी हम नहीं – अनिरुद्ध कुमारnewsadminJuly 12, 2025July 12, 2025 by newsadminJuly 12, 2025July 12, 20250286 जख्म देके कहें मजहबी हम नहीं, दे दगा बोलते अजनबी हम नहीं। पाठ उलटा पढ़ाके छुपे हो कहाँ, झूठ बोलें कहें नफरती हम...
मनोरंजनप्रगति की दौड़ में टूटती संस्कारों की मर्यादा – मनोज कुमार अग्रवालnewsadminJuly 11, 2025 by newsadminJuly 11, 20250241 neerajtimes.com बिहार के औरंगाबाद में एक नव विवाहिता पत्नी ने अपने फूफा के साथ मिलकर शादी के 45 दिन बाद पति को मौत के घाट...
मनोरंजनछंद (गुरु पूर्णिमा) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJuly 11, 2025 by newsadminJuly 11, 20250232 अंधकार नाश किया, ज्ञान का प्रकाश किया, उन सभी गुरुओं को, शिष्य का प्रणाम है । शब्द व्यवहार दिया, छंद उपहार दिया, गुरु...
मनोरंजनसतगुरु चालीसा – सुधीर श्रीवास्तवnewsadminJuly 10, 2025 by newsadminJuly 10, 20250276 -:दोहा:- गुरुवर की कर वंदना, नित्य झुकाऊँ माथ। गुरुवर विनती आप से,रखना सिर पर हाथ।। -:चौपाई:- सतगुरु का जो वंदन करते । ज्ञान ज्योति निज...
मनोरंजनभोजपुरी लोक गीत – श्याम कुंवर भारतीnewsadminJuly 10, 2025 by newsadminJuly 10, 20250282 मरोड़ा जनी सइयां छोड़ा मोर नरमी कलइया। गोरी बहियां खनके चूड़िया छोड़ा मोर नरमी कलइया । नाजुक बदन मोर नाजुक बा उमरिया। लच...
मनोरंजनऐसी हो अब क्रांति – गुरुदीन वर्माnewsadminJuly 9, 2025 by newsadminJuly 9, 20250226 होते हैं बलवें फिजूल यहाँ, ऐसी हो अब क्रान्ति। बन्द हो रक्तपात जमीं पे, सब जगह हो शान्ति।। शान्ति, सब जगह हो शान्ति/ शान्ति,...
मनोरंजनप्रातः नित्य पाठ करने के लिए सर्वथा उपयुक्त – ‘श्री हनुमंत प्रकाश’newsadminJuly 9, 2025 by newsadminJuly 9, 20250319 neerajtimes.com – गोरक्षपीठ की नगरी गोरखपुर के विजय प्रताप शाही द्वारा रचित ‘हनुमंत प्रकाश’ खंडकाव्य पाँच सोरठा, इक्यावन दोहे,चार सौ चौपाइयाँ एवं हनुमान जी...