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छंद (गुरु पूर्णिमा) – जसवीर सिंह हलधर

 

अंधकार नाश किया, ज्ञान का प्रकाश किया,

उन सभी गुरुओं को, शिष्य का प्रणाम है ।

 

शब्द व्यवहार दिया, छंद उपहार दिया,

गुरु जी के चरणों में, मेरे पूण्य धाम है ।

 

शंका समाधान दिया, कविता विधान दिया,

छाया उन गुरुओं की, रही आठों याम है ।

 

शब्द कोष दान दिया, भाव परिधान दिया,

हरि ओम साधना से, आज मेरा नाम है ।

–  जसवीर सिंह हलधर, देहरादून

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