मनोरंजन

श्रावण माह में शिवार्चन – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

 

हे शिवशंकर, हे डमरूधर, विनय हमारी सुनियेगा।

जटाजूटधारी प्रलयंकर, जग को सुखमय करियेगा।

हे नागेश्वर, विश्वनाथ हे, सबके मन में सदा बसें,

महाकाल शरणागत के सिर, वरदहस्त निज धरियेगा।1

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हे गंगाधर साम्बसदाशिव, भक्तों का कल्याण करें।

पग-पग पर नित आने वाले, सारे संकट कष्ट हरें।

नित्य अर्चना पूजा होती, युगों-युगों से सावन में,

जो मन से अभिषेक करें प्रभु, उनके घर भंडार भरें।2

– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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