मनोरंजनखुशियों का बगीचा – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminNovember 5, 2025 by newsadminNovember 5, 20250200 छोटे-छोटे फूल खिलें, रंग-बिरंगे खुशबू मिलें। तितलियाँ रंग बिखेरें, गुनगुनाएँ मधुर स्वर करें। पेड़-झाड़ों की छाँव तले, खेलें बच्चे हँसते-मुहँफट। खुशियों से भरा ये...
मनोरंजनरहें न गरूर में – सुनील गुप्ताnewsadminNovember 5, 2025 by newsadminNovember 5, 20250262 ( 1 ) रहें न यहाँ , कभी गरूर में ! रहें ‘ स्व ‘, में स्थिर…., छोटे से मन घर में !! ...
मनोरंजनकृषि लोक गीत (भोजपुरी) – श्याम कुमार भारतीnewsadminNovember 3, 2025 by newsadminNovember 3, 20250272 अबले कटल नाही खेतवा के सब धनवा हो, ज़ननवा मनवा रसल हमरो। जब जब धन कटनी के मनाई, देहली हमके धकियाई। मंगली सोनवा के...
मनोरंजनकविता – जसवीर सिंह हलधरnewsadminNovember 3, 2025 by newsadminNovember 3, 20250222 सोने की पायल छनन छनन ! आयी पहने भृष्टाचारन !! छन छन पायल झंकारों से , नैनों के कुटिल प्रहारों से ! संसद...
मनोरंजनचुनावी मौसम में सक्रिय घोषणा ग्रंथि (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तवnewsadminNovember 3, 2025 by newsadminNovember 3, 20250183 neerajtimes.com – चुनाव का मौसम शुरू होते ही नेताओं के भीतर एक खास ग्रंथि सक्रिय हो जाती है,घोषणा ग्रंथि। इस ग्रंथि के जागते ही नेता को...
मनोरंजनदिल ने कहा – सविता सिंहnewsadminNovember 2, 2025 by newsadminNovember 2, 20250220 आज फिर धड़कन बढ़ी आये जब वो सामने। लगा कि शायद बदले पूर्ववत थे अनमने। कभी तो तू भी बदल कभी तो हम भी तने।...
मनोरंजनप्यारा सा गुड़िया घर – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminNovember 1, 2025November 1, 2025 by newsadminNovember 1, 2025November 1, 20250263 गुड़िया का प्यारा सा घर, रंग-बिरंगा बड़ा मज़ेदार। खिड़कियाँ, दरवाज़े सब हैं सजे, खुशियों से भरा हर कोना। गुड़िया खेलती, हँसती आई, दोस्तों संग...
मनोरंजनबेदर्द शहर – मीरा पाण्डेयnewsadminOctober 31, 2025 by newsadminOctober 31, 20250222 बेदर्द शहर था उनका . ….लोग बड़े सवाली थे . …..बात शोहरत की करते ….और मोहब्बत से झोली खाली थे . …………. मेरी आरजू थी...
मनोरंजनएक फैशन बन गया हर उत्सव – गुरुदीन वर्माnewsadminOctober 31, 2025 by newsadminOctober 31, 20250193 \(शेर)- वो ख्वाब जो देखे थे हमने, आज़ाद हुआ जब हिन्दुस्तां। साकार हुए हैं कितने स्वप्न, कितने बाकी है अब अरमां।। क्या चैनो-अमन है हर...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminOctober 30, 2025 by newsadminOctober 30, 20250180 करे जो देश की सेवा,उन्ही के नाम होते हैं। लड़े जो देश की खातिर,नही गुमनाम होते हैं। सुनो बातें जमाने की,निकाले दोष गैरो के।...