मनोरंजन

रोबोट दोस्त – डॉ. सत्यवान सौरभ

मेरे घर आया रोबोट नया,

सहारा बन गया मेरा सहारा।

खेल-कूद में करता मदद,

संग-संग करता बातों का खेल।

 

कंप्यूटर से जुड़ा है वह,

सिखाता गणित और भाषा।

पर मैं भी हूं समझदार बच्चा,

रोबोट के साथ साथ खेलूँ बाहर।

 

मिलकर करेंगे हम काम,

दोस्ती में भरेंगे अपनापन।

टेक्नोलॉजी का है ये युग,

पर दिल से भी होना चाहिए दोस्त पूरा तुग!

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